बाल गोपाल के स्वागत में सजी राजधानी
नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां राजधानी में लगभग पूरी हो चुकी हैं। कहीं शुक्रवार तो, कहीं शनिवार को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी के मंदिरों में कहीं मथुरा तो, कहीं वृंदावन जैसे मनोरम दृश्य भी देखने को मिलेंगे। पंडितों के अनुसार, शुक्रवार को दिनभर अष्टमी रहेगी और शनिवार सुबह नवमी प्रारंभ हो जाएगी। चूंकि, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि में रात 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए कई स्थानों पर कान्हा का जन्म रात 12 बजे अष्टमी तिथि में मनाया जाएगा। कुछ इलाकों में लोग शनिवार को रोहिणी नक्षत्र में जन्मोत्सव मनाएंगे। ज्योतिषाचार्य अम्बरीष कुमार शास्त्री बताते हैं कि 23 अगस्त की सुबह 8:09 बजे अष्टमी तिथि प्रवेश करेगी, जो 24 अगस्त की सुबह 8:32 बजे समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन के लिए जन्माष्टमी पर व्रत रखने का शुभ दिन शुक्रवार है, जबकि शनिवार का दिन सन्यासी वर्ग के लिए है।
दिल्ली के कई मंदिरों में शनिवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। सबसे बड़ी जन्माष्टमी का आयोजन ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर और नई दिल्ली स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में होता है। इस्कॉन मंदिर में 24 अगस्त की रात 10 बजे महाभिषेक होगा रात्रि 12 बजे बाल गोपाल का जन्म मनाने के बाद महाआरती होगी। शनिवार को यहां तड़के 4:30 बजे से ही दर्शन के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए जाएंगे। द्वारका इस्कॉन, पंजाबी बाग इस्कॉन मंदिर, छत्तरपुर मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भव्य आयोजन होने जा रहा है।