एलजी हाउस के ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस में 6, फ्लैट स्टाफ रोड स्थित सरकारी बंगले के रेनोवेशन में हुई प्रशासनिक और वित्त अनियमितताओं की जांच की जाएगी। इसके लिए विशेष ऑडिट होगा।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना के ऑफिस से कहा गया है कि गृह मंत्रालय को 24 मई को एक पत्र मिलने के बाद स्पेशल कैग ऑडिट की सिफारिश की गई थी। यह पत्र एलजी ऑफिस की ओर से मिला था। जिसमें दावा किया गया कि सीएम केजरीवाल के सरकारी बंगले के रेनोवेशन में वित्त गड़बड़ी पाई गई। आम आदमी पार्टी और सीएम ऑफिस की ओर से कोई भी एक्शन नहीं लिया गया।
मुख्य सचिव की रिपोर्ट में मिली अनियमितताएं
- नवीनीकरण के नाम पर पीडब्ल्यूडी ने नए भवन को किया प्रभावित।
- निर्माण शुरू करने से पहले पीडब्ल्यूडी ने संपत्ति के स्वामित्व का नहीं लगाया पता।
- पीडब्ल्यूडी ने भवन योजनाओं की अनिवार्य और पूर्व-आवश्यक मंजूरी भवन समिति से नहीं ली।
- प्रारंभ में प्रस्ताव मुख्यमंत्री के आवास में अतिरिक्त जगह प्रदान करने का था।
- बाद में मौजूदा भवन को ध्वस्त करने के बाद पूरी तरह से नए निर्माण के प्रस्ताव को मंत्री ने दी मंजूरी।
- निर्माण कार्य की शुरुआती लागत थी 15-20 करोड़ रुपये।
- निर्माण लागत को समय-समय पर बढ़ाया गया, कुल 527124570 रुपये हुए।
- कुल खर्च की रकम प्रारंभिक अनुमान से तीन गुना से अधिक रही।
- रिकॉर्ड बताता है कि प्रमुख सचिव (पीडब्ल्यूडी) के अनुमोदन से बचने के लिए कुल राशि को 10-10 करोड़ करके विभाजित कर के दिखाई गई।
- नियम के तहत 10 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय मंजूरी देने की शक्तियां प्रमुख सचिव के पास है।
- एमपीडी-2021 का घोर उल्लंघन हुआ, जो भूमि और स्थानिक विकास/पुनर्विकास के मामलों में भूमि का कानून है, सामने लाया गया है।
- भवन निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई की मंजूरी पांच बार में ली। कुल 28 पेड़ों की कटाई हुई जबकि दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1994 के अनुसार, 10 से अधिक संख्या के पेड़ों की कटाई/प्रत्यारोपण के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेनी होती है।
- पेड़ों की कटाई से जुड़ा मामला एनजीटी के समक्ष लंबित है।
ऐसे खर्च हुए 171 करोड़ रुपये
दिल्ली कांग्रेस चीफ ने लेटर में दावा किया था कि सीएम आवास निर्माण में 171 करोड़ खर्च हुए थे। इसमें 22 अधिकारियों के बंगले को स्थांतरित किए गए। वहीं फ्लैगस्टाफ रोड पर सीएम आवास से सटे 22 आवास में से 15 को ध्वस्त कर दिया गया या खाली करा दिया गया। उन्हें ये आवास समय पर आवंटित नहीं किए गए। इस खर्च में सीडब्ल्यूजी विलेज में 5 नए फ्लैट्स भी खरीदे गए। जिनकी कीमत 126 करोड़ रुपये थी।