स्वदेशी उत्पादों की बढ़ी मांग, दिल्ली में 15 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इस वर्ष होली पर देशभर में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार होने की उम्मीद जताई है। यह पिछले वर्ष के लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। जबकि दिल्ली में 15 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल आह्वान का असर साफ दिख रहा है। इस बार बाजारों में भारतीय निर्मित हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे, चंदन, पूजन सामग्री, परिधान और अन्य स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है। अब बाजारों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता मिल रही है। केवल दिल्ली में ही करीब 15 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है। थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, गुजिया की मालाओं और ड्राई फ्रूट पैकों से सजे हैं।
मिठाइयों से लेकर कपड़ों तक जबरदस्त मांग
होली से जुड़ी वस्तुओं के साथ-साथ मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल-फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी उत्पादों और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी तेजी आई है। होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट और हैप्पी होली लिखी टी-शर्ट खूब बिक रही हैं।
प्राकृतिक रंगों को किया जा रहा पसंद
इस वर्ष केमिकल रंगों के बजाय हर्बल और प्राकृतिक रंगों को अधिक पसंद किया जा रहा है। बच्चों में स्पाइडर-मैन और छोटा भीम जैसे लोकप्रिय पात्रों वाली पिचकारियों का खास आकर्षण देखा जा रहा है। प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि देशभर में बड़े पैमाने पर होली मिलन समारोह आयोजित हो रहे हैं। दिल्ली में ही विभिन्न व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा 3000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक पार्क भी बुक हैं।