नई दिल्ली। उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता को समय पर प्लॉट न देने पर अरुण देव बिल्डर को प्लॉट की राशि लौटाने के साथ मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर फैसला सुनाते हुए फोरम ने कहा कि उपभोक्ता की मेहनत की कमाई लेकर बिल्डर वादा खिलाफी और अपनी मनमानी नहीं सकता। मामला जासना फरीदाबाद में प्लॉट बुक कराने से जुड़ा है।
शकूरपुर निवासी रंजीता कुमारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अरुण देव बिल्डर के विज्ञापन से प्रभावित होकर उसने 56.6 गज के दो प्लॉट बुक किए थे। बिल्डर ने उनसे वादा किया कि बुकिंग से 24 महीनों में उन्हें प्लॉट सौंप दिए जाएंगे। उपभोक्ता ने तीन-तीन किस्तों में प्लॉटों की पूरी राशि का भुगतान अप्रैल 2011 से जुलाई 2012 के बीच कर दिया।
उपभोक्ता ने एक प्लॉट के लिए एक लाख 41 हजार 600 रुपये का भुगतान किया। दोनों प्लॉट के लिए उसने कुल 2,83,200 रुपये दिये। जब उसने 24 महीने बीतने के बाद बिल्डर से संपर्क किया तो वह उन्हें जमीन नहीं दे पाया। बिल्डर ने कहा कि प्लॉट क्लीयर होने में अभी और समय लग सकता है। इसलिए अपने प्लॉट को कैंसिल करवाकर अपनी रकम 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस ले लो।
उपभोक्ता ने दोनों प्लॉट की बुकिंग को रद्द कर दी। बिल्डर ने उन्हें रसीद दी और दो महीने में प्लॉटों की राशि लौटाने का वादा किया, लेकिन रकम नहीं लौटाई। फोरम की सदस्य रेखा रानी ने शिकायत के तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बिल्डर से कहा कि वह वादा खिलाफी नहीं कर सकता। इसलिए उसे उपभोक्ता द्वारा दी गई पूरी रकम 7 प्रतिशत ब्याज तथा मुकदमे के खर्च 11 हजार रुपये के साथ वापस करनी होगी।