केंद्रीय बजट के पेश होने के बाद उद्यमियों व व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान का भाव दिख रहा है। बजट को व्यापार की दृष्टि से सुगम व सरल माना जा रहा है। लघु उद्योग व्यापार जगत का यह भी कहना है कि निवेश होगा और सुविधा बढ़ाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। इन सभी तरह की व्यवस्थाओं को बेहतर करने का बजट में भरोसा नजर आया है। ज्यादातर व्यापारियों ने बजट की सराहना की है। हालांकि, जीएसटी के प्रावधानों से राहत नहीं मिलने से व्यापारी निराश भी हुए हैं।
विकास उन्मुख बजट पेश किया
केंद्र सरकार ने विकास उन्मुख बजट पेश किया है। 2023 का केंद्रीय बजट सभी भारतीयों को कवर करने वाला बजट है। इसमें कारीगरों, कृषि और बुनियादी ढांचे का ध्यान रखा गया है। एमएसएमई को सरकार ने विशेष तरजीह दी है। लघु और सूक्ष्म उद्योग परिसंघ इस बजट का स्वागत करता हैं। स्वैच्छिक समाधान योजना बेहतर पहल है। इस बजट में देशभर के करीब 6 करोड़ छोटे कारोबारियों को बड़ा तोहफा दिया गया है। देशभर के एमएसएमई को 2 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा जिससे लघु उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- अशोक गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया माइक्रो स्मॉल स्केल इंडस्ट्री
सभी वर्ग को समायोजित करने का प्रयास
समावेशी बजट है। इसमें विकासशील भारत व सभी वर्गों को समायोजित करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, बेरोजगारी की समस्या खत्म करने के लिए असंगठित क्षेत्र के रूप में कार्य कर रहे लघु एवं मध्यम उद्योग और व्यापार को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने वाला प्रयास काफी नहीं है। इसके लिए सरकार को विशेष पैकेज देने की आवश्यकता थी। एमएसएमई के लिए उदार नीति की कमी बजट में खल रही है।
- निरंजन पोद्दार, अध्यक्ष, ऑटोमोटिव एंड जेनरल ट्रेडर्स मोटर्स एसोसिशन मोरी गेट
अमृत बजट एक सच्चा बजट है
अमृत बजट हर भारतीय के लिए एक सच्चा बजट है। इससे उद्योग जगत को बढ़ावा मिलेगा। अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। व्यापारी व उद्यमियों को राहत वाला बजट कृषि, व्यापार-उद्योग और लघु उद्योग (रेहड़ी-पटरी) के लिहाज से वर्ष 2023-24 का आम बजट अभूतपूर्व है। एमएसएमई के लिए वित्त ने राहत देने का ऐलान स्वागतयोग्य है। नौकरीपेशा के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है।
- शशि महाजन, अध्यक्ष,उद्योग नगर व्यापार संघ
देश में रोजगार में वृद्धि होगी
मध्यम वर्ग के लिए उम्मीदों का बजट है। मोटे अनाजों को प्रोत्साहन, कृषि ऋण, मत्स्य पालन, सहकारिता प्रमुख आकर्षण हैं। ग्रीन ग्रोथ पर जोर इस बजट की खास बातें हैं। देश में विदेशी कंपनियों का निवेश बढेगा। सीधे तौर पर स्वदेशी के स्वावलंबी भारत अभियान को बल मिलेगा, जिससे देश में रोजगार में वृद्धि होगी।
- विकास चौधरी, स्वदेशी जागरण मंच
अर्थव्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद
देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को बढ़ावा मिलेगा जिससे रोजगार बढ़ेगा। सरकार को इंस्पेक्टर राज पर भी लगाम लगानी चाहिए। युवा, महिला, किसान, उद्यमी मजदूर सभी वर्गों को बजट का फायदा होगा। सात लाख तक कर में छूट मध्यम और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत है।
- परमजीत सिंह पम्मा, चेयरमैन, फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन
लाखों लघु उद्यमियों को फायदा
बजट में की गई घोषणा से लाखों लघु उद्यमियों को फायदा मिलेगा। देश में 45 प्रतिशत रोजगार यह उद्यमी देते हैं। लघु उद्यमियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 30 नए कौशल भारत अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने का प्रावधान सराहनीय है। इससे काफी लाभ मिलेगा। इनकम टैक्स में छूट व डिजिटल रूप में काम करने वालों को टैक्स में छूट देने से उद्योगों को काफी फायदा होगा।
-डाॅ. अनिल गुप्ता, अध्यक्ष, दिल्ली मैन्युफैक्चर एसोसिएशन
छोटे व्यापारियों को राहत
अच्छा बजट आया है। इसमें छोटे व्यापारियों को राहत दी गई है। ये चुनावी वर्ष है इसलिए भी बेहतर बजट सरकार ने पेश किया है। भारत के हर नागरिक को ध्यान में रखा गया है। महंगाई के दौर से भी राहत मिलने की उम्मीद है। व्यापार जगत इससे काफी खुश है। इनकम टैक्स में भी राहत मिली है।
- मुकेश सचदेवा, प्रधान, दिल्ली हिंदुस्तानी मर्कन्टाइल एसोसिएशन
औद्योगिक क्षेत्र को महत्वपूर्ण समर्थन
विकास को गति देने वाला बजट है। औद्योगिक क्षेत्र को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया गया है। पूंजी निवेश पर व्यय को 10 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाना सराहनीय कदम है। गोवर्धन योजना से लघु उद्योग व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लाखों युवाओं को इस बजट से रोजगार मिलेगा।
- वीरेंद्र नागपाल, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, दिल्ली
पर्यटन की तरफ लोग होंगे आकर्षित
सरकार का प्रयास पर्यटन की तरफ लोगों को आकर्षित करना है। कनेक्टिविटी को लेकर सरकार गंभीर हैश्र इसके लिए सरकार ने रेल व इंफ्रास्ट्रक्चर में 2.40 लाख करोड़ का प्रावधान रखा है जिससे अर्थव्यवस्था को सभी क्षेत्र में गति मिलेगी। सरकार ने 9 राज्यों के आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर बजट बनाया है। गरीब से लेकर नौकरी पेशा का पूरा ध्यान रखा गया है और शेयर मार्केट में भी उछाल है, क्योंकि टैक्स में छूट कई सालो के बाद मिली है।
- संदीप खंडेलवाल, टूरिज्म एक्सपर्ट व होटल व्यवसायी
एमएसएमई ऋण पर एक फीसदी छूट का स्वागत
बजट में महामारी से प्रभावित एमएसएमई को राहत देने का ऐलान किया गया है। इसके तहत वित्त मंत्री ने संविदागत विवादों के निपटान के लिए स्वैच्छिक समाधान योजना लाने की बात कही है। एमएसएमई सेक्टर के लिए केंद्र सरकार 9000 करोड़ रुपये का आवंटन करेगी। बजट में 3 करोड़ तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई को टैक्स में छूट दी गई है।
- हेमंत गुप्ता, महामंत्री, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
घरेलू व्यापार में नए अवसर मिलेंगे
बजट के प्रावधानों से घरेलू व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, देश के निर्यात व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वित्त मंत्री ने बजट में सात प्राथमिकताओं के माध्यम से बाजार में ज्यादा से ज्यादा पैसा लाने का रास्ता खोला है। इसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ व्यापारियों को मिलेगा। इसके अलावा आयकर के पांच स्लैब बनाना, व्यक्तिगत आयकर छूट को सात लाख करना अच्छा कदम है। -
- प्रवीन खंडेलवाल, राष्ट्रीय महामंत्री, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
मध्यम और छोटे व्यापारियों को राहत
केंद्र सरकार का बजट संतुलित है। इसमें मध्यम और छोटे व्यापारियों को राहत देने का प्रयास किया गया है। इनकम टैक्स में केवल नई टैक्स व्यवस्था में छूट दी गई है, लेकिन पुरानी टैक्स व्यवस्था को लेकर स्पष्टता नहीं की गई। दो साल होने के बाद भी अभी भी लगभग 90 फीसदी व्यापारी और मिडिल क्लास पुरानी टैक्स व्यवस्था को अपना रहे है। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।
- बृजेश गोयल, चेयरमैन, चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री