घर पर बजट देखता कन्हैया का परिवार...
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आम बजट से मध्यमवर्गीय परिवार खुश हैं, तो नौकरी पेशा लोगों और सेवामुक्त हो चुके बुजुर्गों ने खुशी जताई है। गृहणियों ने कहा कि सरकार ने कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ाकर बेहतर कदम उठाया है। लोगों को उम्मीद है कि खाने पीने के सामान की कीमत कम होगी। इससे उनके घर का बजट सुधरेगा और लोगों को राहत मिलेगी। बजट पर दिल्ली के कुछ परिवारों के मुखिया ने कुछ इस तरह अपनी बात रखी...
मध्यम वर्गीय परिवार होने के नाते बजट अच्छा है। परिवार में दो बेटे, बेटी और पत्नी है। उम्मीद है कि गैस सिलिंडर सस्ता होगा, बाइक, मोबाइल फोन, टीवी आदि की कीमत घटेगी। मध्यम वर्गीय परिवारों के हितों में लिए गए सरकार के निर्णयों से राहत मिलेगी। आटा, दाल, चावल, तेल इत्यादि घरेलू सामानों की कीमत कम होगी। अभी परिवार का हर माह करीब 15 हजार रुपये खाने पीने पर खर्च हो रहा है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है और यदि पेट्रोल के दाम भी कुछ कम होते हैं तो माल भाड़ा घटेगा और सामान सस्ते होंगे।
- कन्हैया पाण्डेय, लक्ष्मी नगर
सरकार ने बुजुर्गों को सात लाख तक की आय पर टैक्स में छूट देने का निर्णय लिया है, यह बेहतरीन कदम है। नई कर प्रणाली में 75 साल या इससे अधिक आयु के बुजुर्गों को रिटर्न नहीं भरनी पड़ेगी। हालांकि, सोने चांदी पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने ठीक नहीं किया है। इसके कारण अब लोग बहन-बेटियों को सोना चांदी देने से हिचकिचाएंगे। मध्यम वर्गीय परिवार की महिलाओं के पास इनके गहने उनकी पूंजी होते हैं।
- जीके आनंद, पांडव नगर, शादीपुर