बिजनौर के नजीबाबाद में 25 मई को बीएसपी नेता हाजी अहसान और उनके भतीजे शादाब की गोलियां बरसाकर हत्या करने वाले दो बदमाशों नजीबाबाद के गांव कनकपुर कलां निवासी सरगना शाहनवाज अंसारी और नजीबाबाद के ही मोहल्ला गुलशन राहू खेड़ी निवासी शार्प शूटर जब्बर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यहां गिरफ्तार किया है। अंसारी गिरोह ने राजनीतिक और कारोबारी रंजिश की वजह से यह हत्याकांड किया। पुलिस ने इनके पास से दो पिस्टल व 8 कारतूस बरामद किए हैं। यूपी पुलिस को सूचना दे दी गई है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि इन दोनों बदमाशों के पूर्वी दिल्ली के जगतपुरी इलाके में छिपने की सूचना मिली थी। एसीपी अत्तर सिंह, इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम बनाई गई। शुक्रवार को एक सूचना के बाद टीम ने कड़कडड़ूमा इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया तो उन्होंने पिस्टल निकालकर हमले की कोशिश की। उससे पहले ही दोनों को काबू कर लिया गया। उनके पास से हथियार बरामद कर लिए गए।
बसपा को जिताया था लोकसभा चुनाव
हाजी अहसान और उनके भतीजे शादाब का प्रॉपर्टी का कारोबार था। वे बसपा नेता थे और अपने इलाके में ठीक-ठाक रसूख रखते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी ने नजीबाबाद के प्रत्याशी के प्रचार का जिम्मा दिया था। उन्होंने अपने दम पर चुनाव जिता भी दिया। आने वाले विधानसभा चुनाव में हाजी अहसान के विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनने के कयास लग रहे थे। इधर शाहनवाज अंसारी बिजनौर में विवादित जमीनों का धंधा करता था। राजनीति के साथ इस वजह से उनकी रंजिश हो गई। घटना वाले दिन 28 मई को शाहनवाज, जब्बर, दानिश कनकपुर, दानिश उब्बानवाला और इकराम ने दोनों की उनके दफ्तर में जाकर हत्या कर दी।