देश को हिलाकर रख देने वाले बॉयज लॉकर रूम मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि इस ग्रुप से जुड़े लड़कों ने लड़कियों से गैंगरेप की बात नहीं की थी।
सोशल मीडिया पर गैंगरेप की कथित धमकी वाला जो स्क्रीन शॉट वायरल हुआ था, वह पुराना है। उस समय तो बॉयज लॉकर रूम ग्रुप बना भी नहीं था। साइबर सेल ने इस मामले में लॉकर रूम के कुछ और लड़कों से पूछताछ की है।
साइबर सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बॉयज लॉकर रूम से लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म की चर्चा की बात सामने आई थी। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित चैट भी वायरल की गई थी।
इधर, साइबर सेल की जांच में पता चला कि बॉयज लॉकर रूम ने लड़कियों को गैंगरेप की धमकी नहीं दी थी। गैंगरेप की धमकी देने वाला स्नैपचैट का जो स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, वह मार्च महीने का है। इधर, बॉयज लॉकर रूम अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में बना था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गैंगरेप की धमकी देने वाला जो स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसे सिद्धार्थ नाम का युवक चला रहा था। अब पुलिस की जांच में पता चला है कि सिद्धार्थ नाम का कोई युवक नहीं है। चैटिंग में यह आईडी और नाम फर्जी तौर पर इस्तेमाल हो रहा था। वह एक साथ कई लड़कों से चैटिंग करता था। पुलिस अब इस युवक की पहचान की कोशिश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, इस युवक ने जिन लड़कों के साथ सीधे चैटिंग की थी, उनमें से दो की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने इन दोनों लड़कों से शुक्रवार को उनके घर जाकर पूछताछ की थी। ये दोनों लड़के नाबालिग हैं।
इन लड़कों से पूछताछ के बाद पता किया जा रहा है कि फर्जी आईडी से चैटिंग करने वाला कौन है। इस बीच, पुलिस को इंटाग्राम से ग्रुप से जुड़ी कुछ और रिपोर्ट भी मिल गई हैं।