Beautification started looking at Chandni Chowk, CM inspected
कोरोना काल ने चांदनी चौक के बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास प्रोजेक्ट की चाल भी धीमी कर दी है। बृहस्पतिवार को प्रोजेक्ट का मुआयना करने पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नवंबर तक प्रोजेक्ट के पूरे होने की उम्मीद जताई। मुख्यमंत्री के साथ शहरी विकास मंत्री सतेंद्र जैन व वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चांदनी चौक का इलाका पुराना होने के साथ एतिहासिक भी है। पुनर्विकास प्रोजेक्ट से इसकी पुरानी रौनक लौटाने की कोशिश हो रही है। इस सड़क पर सुबह 9 से रात 9 बजे तक नॉन मोटराइज्ड व्हीकल एरिया रहेगा। केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि नवंबर के पहले सप्ताह में सड़क पर आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि इसका काम मई में ही पूरा हो जाना था। लेकिन कोविड-19 की वजह से थोड़ी देर हो गई है। अब नवंबर के प्रथम सप्ताह में चालू होने की उम्मीद है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चांदनी चौक के मुख्य सड़क का पुनर्विकास किया जा रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि यहां पर पर्यटक भी आएंगे और बहुत सारे लोग आएंगे। मुझे उम्मीद है कि यह सड़क नवंबर के पहले सप्ताह तक शुरू हो जाएगी। हालांकि, इसे मई में शुरू होना था, लेकिन कोरोना की वजह से इसके पूरा होने में देर हो गई है। इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने में देरी होने की वजह से इसकी लागत बढ़ कर 90 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि पहले इसके निर्माण की लागत करीब 76 करोड़ रुपये थी।
मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा
नई दिल्ली। चांदनी चौक नागरिक मंच ने चांदनी चौक प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 3 सूत्री मांग पत्र दिया है। मांग की गई है कि मुख्यमंत्री सभी धार्मिक स्थलों के छज्जे आदि की तोड़फोड़ पर रोक लगाकर न्यायालय में लोकहित पक्ष रखने का अधिकारियों को निर्देश दें, सभी निजी भवनों के आगे के चबूतरों व छज्जों (जिनमें व्यवसाय चल रहे हैं) को नियमित करने का निर्देश दें और चांदनी चौक को पूर्णतया वाहन रहित करने के निर्णय की पुन: समीक्षा की जाए। चांदनी चौक नागरिक मंच के मंत्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है मुख्यमंत्री व्यापारियों की समस्या से अवगत होकर समाधान ढूंढे।