हिंदी पत्रिका बसंत के बाल विशेषांक का लोकार्पण। चार दशकों से प्रकाशित हो रही इस पत्रिका में, देश विदेश के चर्चित लेखकों की कृतियों को शामिल किया गया है।
मॉरीशस के महात्मा गांधी संस्थान (एमजीआई) में भारतीय आजादी के अमृत महोत्सव पर बड़ा आयोजन किया गया। संस्थान के सृजनात्मक लेखन और प्रकाशन विभाग की तरफ से, हिंदी की चर्चित पत्रिका, बसंत के बाल विशेषांक का लोकार्पण भी हुआ।
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चार दशकों से प्रकाशित हो रही इस पत्रिका में, देश विदेश के चर्चित लेखकों की कृतियों को शामिल किया गया है। भारतीय उच्चायोग के सहयोग से आयोजित इस समारोह में रंगारंग कार्यक्रम भी पेश किए गए।
सृजनात्मक लेखन विभाग के अध्यक्ष और आयोजक डॉ. कृष्ण कुमार झा ने कहा कि हमारा मकसद विशेषांक के लोकार्पण के साथ छात्रों और कलाकारों को भारतीय आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़ना भी है। हमें ख़ुशी है कि हम सभी आजादी का अमृत महोत्सव अभियान का हिस्सा बन रहे हैं।
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एमजीआई के डायरेक्टर जनरल आर रामप्रताब ने कहा कि शिक्षा एक पासपोर्ट की तरह है, जिसके जरिए दुनिया के किसी भी देश में सफलता हासिल की जा सकती है। वयोवृद्ध साहित्यकार रामदरश मिश्र का बंसन्त पत्रिका के विशेषांक पर एक वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। उन्होंने पत्रिका के संपादक और हिंदी लेखकों को शुभकामनाएं दी।