कोरोना महामारी की संकट कालीन घड़ी में जहां कई लोग आपदा में अवसर तलाशने में जुटे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जो नि:स्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने में जुटे हैं। लोगों की मदद करना और कोरोना को हराना उनका एकमात्र मकसद है। बाहरी दिल्ली में टीकरी हलां निवासी अरुण द्राल (उम्र-32 साल) उन्हीं में से एक हैं। महीनों से वह अपना कोचिंग सेंटर बंद कर मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर, अस्पताल में बेड और प्लाज्मा डोनर दिलाने का काम कर रहे हैं।
अरुण द्राल ने अपने युवा साथियों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स बनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की मदद करने का बीड़ा उठाया है। अरुण दराल ने बताया कि करोना महामारी की दूसरी लहर में जब अचानक भारी तादाद में लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ने लगी। तब उन्होंने लोगों की मदद शुरू की। उनकी टीम में सात लोग काम कर रहे हैं।
अरुण मुंडका और टीकरी, रवीश नजफगढ़ और शशि यादव नरेला की तरफ लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को ऑफर दिया है कि यदि वह स्वेच्छा से प्लाज्मा डोनेट करेंगे तो उनकी कोचिंग में उन्हें या उनके जानने वाले छात्र को नि:शुल्क पढ़ाया जाएगा।
अरुण और उनकी टीम 18 से 20 घंटे ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने का काम करते हैं। फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर अब उनसे सैकड़ो लोग रोजाना मदद मांग रहे हैं। उनकी पोस्ट को साझा करके बहुत से लोग ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। उनका मोबाइल नंबर 7503454500 लोगों के फोन में ऑक्सीजन मैन के नाम से सेव हो रहा है। अरुण दराल को विश्वास है कि करोना गाइडलाइंस का पालन करके और एक दूसरे की मदद करके हम सब इस महामारी को हरा सकते हैं।