मालवीय नगर थाना पुलिस ने पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (मुख्य न्यायधीश) आरएम लोढ़ा के साथ हुई ठगी के मामले में एक आरोपी दिनेश माली को उदयपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने बैंक खाते को किराए पर दे रखा था। जब उसके खाते में पैसे आ जाते थे तो वह निकालकर आगे मुकेश नामक आरोपी को दे देता था। एक लाख रुपये पर उसे एक हजार रुपये कमीशन मिलता था।
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त परमिंदर सिंह ने बताया कि आरएम लोढ़ा चीफ जस्टिस ऑॅफ इंडिया के पद से 27 सितंबर 2014 को सेवानिवृत्त हुए थे। फिलहाल वह परिवार के साथ एस-ब्लाक, पंचशील पार्क में रहते हैं। वह अधिकारिक कामों के लिए ई-मेल का इस्तेमाल करते हैं। उनके पास 19 अप्रैल 2019 की दोपहर करीब 1.40 बजे सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया से रिटायर उनके परिचित जस्टिस बीपी सिंह के अधिकारिक ई-मेल खाते से ई-मेल आया।
इसमें आरएम लोढ़ा से एक लाख रुपये से ज्यादा वित्तीय सहायता मांगी। कहा गया कि उनके भतीजे को खून से संबंधित लूकेमिया बीमारी है और पैसे की सख्त जरूरत है। पैसे को किसी सर्जन के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा गया। पूर्व सीजेआई ने अपने दो बैंक खातों से करीब एक लाख रुपये सर्जन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
30 मई को जब पूर्व जस्टिस बीपी सिंह ने उनको ई-मेल किया तब उन्हें ठगी का पता चला। पूर्व जस्टिस बीपी सिंह ने किसी तरह की सहायता मांगने के लिए ई-मेल करने की बात से इंकार किया। पूर्व सीजेआई ने इसकी शिकायत एक जून को मालवीय नगर थाने में दर्ज कराई थी।
पुलिस ने उस बैंक खाते की डिटेल खंगाली जिस खाते में सीजीआई के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर हुए। पता लगा कि बैंक खाता उदयपुर निवासी दिनेश माली का है। पुलिस टीम ने 8 जून को दिनेश माली उदयपुर से दबोच लिया। आरोपी आरओ बेचने व सप्लाई करने का छोटा व्यवसाय करता है। पुलिस को बैंक खाते की डिटेल से पता लगा कि उसके बैंक खाते में करीब 5 लाख रुपये आए थे।
आरोपी काफी लोगों के साथ उनके बैंक खातों को हैक कर ठगी कर चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस ठगी के पीछे नाइजीरियन गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है।