सीमित कर्मियों और अधिकारियों के साथ सरकारी दफ्तरों में कामकाज तो शुरू हो गया है लेकिन लॉकडाउन के दौरान लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से लोगों को कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है। अनलॉक-3 में छूट मिलने के बाद लाइसेंस के लिए दोबारा ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पहली बार आवेदन करने वाले 50 फीसदी आवेदकों को टेस्ट के लिए तारीख दी जा रही है तो लॉकडाउन से पहले अर्जी देने वालों के लिए भी 50 फीसदी सीटें आरिक्षत होंगी।
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सीमित कर्मियों और अधिकारियों के साथ सरकारी दफ्तरों में कामकाज तो शुरू हो गया है लेकिन लॉकडाउन के दौरान लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से लोगों को कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि परिवहन विभाग की ओर से आवेदकों को राहत देने के लिए स्थायी लाइसेंस के लिए किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय के लिए किसी भी ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट में शामिल हो सकेंगे।
इस दौरान सभी अथॉरिटी में तैनात कर्मी और अधिकारी कोविड संक्रमण से बचाव के लिए एहतियातों का पालन भी सुनिश्चित करेंगे ताकि प्रसार का खतरा न रहे। फिलहाल लर्निंग लाइसेंस के लिए स्लॉट उपलब्ध न होने की वजह से आवेदन नहीं मंगवाए जा रहे हैं। हालात सामान्य होने पर यह सुविधा भी जल्द से जल्द शुरू कर दी जाएगी।
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वित्तीय सहायता के लिए 18 तक कर सकेंगे आवेदन
ऑटो, ई रिक्शा और टैक्सी मालिक अब सरकार से पांच हजार रुपये की वित्तीय सहायता लेने के लिए 18 जून तक आवेदन दे सकते हैं। पहले इसकी तारीख 13 जून तक बढ़ाई गई थी। अनलॉक-3 के दौरान मिली छूट के बाद एक बार फिर राहत के तौर पर आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है। पिछले साल भी कोरोना काल में वित्तीय तंगी से राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑटो, ई रिक्शा और टैक्सी मालिकों को वित्तीय सहायता दी थी।