बसों में संक्रमण से बचाव को अब ई टिकट की सुविधा यात्रियों को उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं, अगर बस में भीड़ है तो कंडक्टर से टिकट लेने के लिए न तो एक दूसरे को रुपये देने होंगे और न ही चेंज (खुले पैसे) का इंतजार करना होगा। अब टिकट के मद में पैसे नहीं बचा पाएंगे, क्योंकि एप (आर) के जरिये उस स्टॉप की भी जानकारी होगी जहां से यात्री सवार हुआ था।
इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटीए) की ओर से दिल्ली सरकार की बसों के लिए विकसित एप (चार्ट आर) के ट्रायल के दूसरे दिन बस रूट नंबर 473 में करीब दो सौ टिकट बिके। सराय काले खां से बस आनंद विहार के बीच यात्रियों को एप की सुविधा की जानकारी दी गई ताकि ई टिकट लेने में असुविधा न हो।
बस के सफर के बारे में डब्ल्यूआरआई की अधिकारी रेवती का कहना है कि टिकट के लिए क्रेडिट, डेबिट कार्ड, पेटीएम, गूगल पे सहित अन्य डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल करना होगा। प्ले स्टोर से एप को इंस्टॉल करने के बाद यात्री अपनी सीट के पीछे लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर टिकट ले सकेंगे। शुक्रवार को ट्रायल का आखिरी दिन है जिसकी सफलता के बाद इसे क्लस्टर और डीटीसी बसों में लागू किया जाएगा।
बस स्टॉप, टाइमिंग भी बताएगा एप
यात्रियों की सुविधा के लिए एप में एक फीचर स्टॉप्स भी है। इसके जरिये नजदीकी बस स्टॉप के अलावा उस स्टॉप से अगले 10 मिनट के दौरान गुजरने वाली तमाम बसों की जानकारी उपलब्ध होगी।
यात्रियों के फीडबैक
- संक्रमण से बचाव के लिए इससे अच्छी पहल नहीं हो सकती है। बेशक पांच या 10 रुपये का टिकट हो, इसके लिए ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा से काफी परेशानियां कम होंगी।
- भीड़ होने पर अब यात्रियों को बार-बार टिकट के लिए न तो आवाज लगानी होगी और न ही रुपयों का लेन देन होगा।
- एप के लिए यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है ताकि इस सुविधा के शुरुआत होने पर उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।