बारापुल्ला फ़ेज़-3 के शुरू होने से दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों का समय बचेगा। लंबे समय से ट्रैफिक जाम और देरी का सामना कर रहे वाहन चालकों को अब सिग्नल-फ्री और सुगम सफर का लाभ मिलेगा।
दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मजबूती देते हुए, लंबे समय से अटका हुआ बारापुल्ला फ़ेज़-3 प्रोजेक्ट अब जनता को समर्पित होने जा रहा है। आगामी 29 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही दिल्लीवासियों का लगभग एक दशक लंबा इंतज़ार आखिरकार खत्म हो जाएगा।
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सिर्फ डेढ़ साल में पूरा हुआ रुका हुआ काम
खास बात यह है कि जो प्रोजेक्ट पिछले कई साल से विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के चलते पूरी तरह अटका हुआ था, उसे पिछले डेढ़ साल के भीतर युद्ध स्तर पर काम करके पूरा किया गया है। रिकॉर्ड समय में इस काम को पूरा करने से यह साबित होता है कि सरकार अब अटके हुए प्रोजेक्ट्स को समय पर डिलीवर करने के लिए कितनी गंभीर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह सरकार लंबे समय से लंबित पड़ी विकास योजनाओं को गति देने और तय समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है।
दिल्ली की कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
बारापुल्ला फ़ेज़-3 के शुरू होने से दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों का समय बचेगा। लंबे समय से ट्रैफिक जाम और देरी का सामना कर रहे वाहन चालकों को अब सिग्नल-फ्री और सुगम सफर का लाभ मिलेगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने से न सिर्फ सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। दिल्ली सरकार की इस बड़ी उपलब्धि को राजधानी के विकास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और उद्घाटन के साथ ही यह मार्ग आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।