दिल्ली सरकार ने आजादपुर मंडी 24 घंटे खुली रखने का फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ सब्जी व फल की बढ़ती कीमतें नियंत्रित होंगी, बल्कि इनकी आवक मंडी में पहुंचने पर किसानों को भी फायदा होगा। वहीं, सरकार ने व्यापारियों को हिदायत दी है कि अगर किसी भी दुकान पर सामाजिक दूरी का नियम तोड़ा गया तो उसका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने बताया कि यह व्यवस्था मंगलवार से लागू होगी।
गोपाल राय ने बताया कि आजादुपर मंडी में पूरे देश से फल और सब्जियां आती हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद वहां सामाजिक दूरी को लेकर समस्या पैदा हुई थी। इसके लिए सब्जी और फल बिक्री का सिस्टम बदला गया था। इसके तहत आवक घटाने के साथ ऑड-ईवन की व्यवस्था की गई थी। इस स्थिति से सामाजिक दूरी तो कायम हुई, लेकिन इससे दिल्ली में फल व सब्जी के रेट अचानक से बढ़ गए और आवक कम होने से देश के दूसरे राज्यों के किसान भी परेशान हो रहे थे।
गोपाल राय के मुताबिक, इसकी समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक हई। इसमें फैसला लिया गया है कि मंगलवार से आजादपुर मंडी 24 घंटे खुलेगी। इसके लिए तीन स्तरीय सिस्टम बनाया गया है। पहली प्राथमिकता सामाजिक दूरी बनाए रखने की है। इसके लिए सुबह 6 से रात दस तक फल और सब्जी की बिक्री होती रहेगी। लेकिन हर चार घंटे में एक-एक हजार लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए कूपन जारी किया जाएगा। इससे एक बार में भीड़ नहीं बढ़ेगी। दूसरी तरफ रात दस बजे से सुबह छह बजे तक मंडी में ट्रक की इंट्री होगी। इससे माल अंदर भेजा जा सकेगा।
गोपाल राय ने बताया कि मंडी की सफाई के लिए सफाई कर्मियों की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। करीब 600 अतिरिक्त कर्मी तैनात होंगे। साथ ही 900 सिविल डिफेंस कर्मी भी लगाए जा रहे हैं। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की टीमें लगाई गई हैं। यह शिफ्ट में 24 घंटे काम करेंगे। इससे नियमों को लागू करवाना आसान होगा।
लॉकडाउन में महंगी हुई सब्जियां अब सस्ती होने लगी
लॉकडाउन में महंगी हुई सब्जियों के भाव खुदरा बाजार में कम हो गए हैं। 35-40 रुपया प्रति किलो बिकने वाले आलू-प्याज का भाव 50 प्रतिशत तक कम होकर खुदरा बाजार में 20 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। इसी तरह आलू भी खुदरा बाजार में 20 रुपया प्रति किलो मिल रहा है।
हरी सब्जियों की बात करें तो भिंडी, परवल, तोरी, घीया, सहजन, बैंगन समेत अन्य सब्जियों का भाव 80-100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। अब ये सब्जियां 50-60 रुपये प्रति किलो मिलने लगी हैं। दरअसल, 20 अप्रैल से सरकार ने जरूरी सामान की बिक्री करने में ढील बरती है। इस वजह से रेहड़ी-पटरी पर पर सब्जियां ज्यादा बिकने लगी हैं। जानकारों के अनुसार सोमवार से पहले काफी कम संख्या में सब्जी विक्रेता थे जो मनमाने भाव वसूल रहे थे।
आजादपुर मंडी के आलू के थोक विक्रेता संदीप खंडेलवाल ने बताया कि सब्जियों की आवक में कोई कमी नहीं है। थोक भाव में भी लॉकडाउन के दौरान आलू-प्याज के भाव 20 रुपये प्रति किलो से अधिक नहीं पहुंचा था। हालांकि खुदरा बाजार में अधिक मांग के कारण भाव जरूर बढ़ा हुआ था। थोक भाव में प्याज 12-15 रुपये प्रति किलो रहा तो आलू 14-17 रुपये प्रति किलो बिका।