फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजबूरी का फायदा: आईसीयू में भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख मांगने पर एम्स कर्मी गिरफ्तार, भाई-बहन देते थे वारदात को अंजाम

Tue, 18 May 2021 01:41 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरोपी पंकज ने महामारी का हवाला देते हुए मरीज के परिजन से कहा कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है, लेकिन यदि पैसों का इंतजाम हो जाए तो मरीज को भर्ती कराया जा सकता है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तरी रोहिणी थाना पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में आईसीयू बेड पर मरीज को भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग करने वाले  एम्स कर्मी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एम्स के हेमेटोलॉजी विभाग में कार्यरत है। अपनी बहन के साथ मिलकर वह वारदात का अंजाम दे रहा था। पुलिस मामले दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, पीड़ित हरिपाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि कोरोना संक्रमित उनकी पत्नी को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराने के नाम पर भूषण कुमार और सुनील कुमार नाम के दो शख्स ने 2.80 लाख रुपये लिए हैं। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दोनों शख्स से पूछताछ की। 

भूषण कुमार ने पूछताछ में बताया कि पीड़ित का साला रविंद्र पाल सिंह उनका जानकार है। रविंद्र पाल सिंह ने अपनी बहन की तबीयत बिगड़ने पर भूषण कुमार को कॉल कर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने के लिए कहा था। भूषण का वेल्डिंग का काम होने की वजह से उसने खाली सिलेंडर की व्यवस्था कर दी थी।
विज्ञापन


इसके बाद गत 30 अप्रैल को रविंद्र पाल सिंह ने बहन की तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए भूषण से अस्पताल में भर्ती की मांग की। इसके बाद भूषण ने एम्स में कार्यरत पंकज कुमार से मरीज को भर्ती कराने के लिए कहा। इस पर पंकज ने महामारी का हवाला देते हुए कहा कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी है, लेकिन यदि पैसों का इंतजाम हो जाए तो मरीज को भर्ती कराया जा सकता है। 

पंकज ने भूषण कुमार से पांच लाख रुपये की मांग करते हुए ममता नाम की महिला का फोन नंबर भेज दिया और कहा कि महिला अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था करा देगी। इसके बाद भूषण ने ममता का नंबर मरीज के बेटे को दिया और मरीज को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपियों ने भर्ती के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की। इस पर हरीश के बेटे ने पंकज और ममता को 2.80 लाख रुपये की राशि भेज दी। राशि मिलने पर पंकज और ममता दोनों फरार होकर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पहुंच गए।

पुलिस ने पीएसआई सुरेंद्र खत्री, हेड कांस्टेबल शैलेंद्र और महिला कॉन्स्टेबल मुकेश की टीम बनाकर जांच शुरू की। इसके बाद पंकज और ममता की कॉल डिटेल खंगाली गई तो उनकी लोकेशन हिमाचल प्रदेश के मंडी में मिली। पुलिस ने आरोपी पंकज और उसकी बहन ममता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस दोनों पर मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें