तीन सप्ताह से दिल्ली में चल रही मारामारी के बाद अब अस्पताल नए मरीजों के लिए बंद होना शुरू हो चुके हैं। तीन दिन पहले पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ने नए मरीजों की भर्ती करना बंद कर दिया था। यहां आपातकालीन विभाग में भी मरीजों को नहीं देखा गया और तब से अस्पताल का मुख्य द्वार भी मरीजों के लिए बंद है। वहीं रविवार को लोकनायक अस्पताल ने भी नए मरीजों को भर्ती करने से साफ इंकार कर दिया।
लोकनायक अस्पताल में 1500 बेड हैं लेकिन यहां सभी भरे हैं। 200 वेंटिलेटर भी यहां पूरी तरह से व्यस्त हैं। ऐसे में अस्पताल के आगे नए मरीजों को भर्ती करना का संकट खड़ा हो चुका है। यह स्थिति तब है जब अस्पताल के ठीक सामने शहनाई वैंकट हॉल है जहां ऑक्सीजन का स्तर गंभीर न होने वाले मरीजों को भर्ती किया हुआ है। इनके अलावा अस्पताल के सहयोग के लिए गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय भी है लेकिन यहां 90 फीसदी से ऊपर ऑक्सीजन का स्तर होने वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार ऑक्सीजन की किल्लत लोकनायक में भी है। इसलिए कुछ देर के लिए नए मरीजों की भर्ती को रोका गया था। जबकि अस्पताल के बाहर खड़े तीमारदारों का कहना है कि वे सुबह से वहां खड़े हैं देर शाम तक उन्हें भर्ती नहीं किया गया। यहां तक कि तीमारदारों को मुख्य द्वार के अंदर भी प्रवेश नहीं मिला। लोकनायक अस्पताल के ही एक डॉक्टर ने बताया कि उनके पास मांग अधिक है लेकिन 100 में से केवल 60 या 70 फीसदी ऑक्सीजन ही उन्हें मिल पा रही है।