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Delhi: 29 साल बाद हत्या का आरोपी लखनऊ से गिरफ्तार, पहचान छिपाकर रह रहा था फहीम, जानें कैसे लगा सुराग

Tue, 07 Jul 2026 04:40 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने 29 साल से फरार हत्या के आरोपी मोहम्मद फहीम उर्फ अली भाई को तीन जुलाई को लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस ने 29 साल से फरार हत्या के आरोपी मोहम्मद फहीम उर्फ अली भाई को तीन जुलाई को लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने 1997 में दिल्ली के रघुबीर नगर स्थित टीसी कैंप में पैसे चोरी का विरोध करने पर शरीफ हसन खान की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह नागपुर भाग गया और बाद में मुंबई, नागपुर और लखनऊ समेत कई शहरों में रहकर अली भाई के नाम से अपनी पहचान छिपाता रहा।

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विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) एचजीएस धालीवाल ने बताया कि 14 मार्च 1997 को रघुबीर नगर के एक कमरे से 58 वर्षीय शरीफ हसन खान का शव बरामद हुआ था। मूल रूप से  फैजाबाद (अब अयोध्या) के रहने वाले शरीफ राजौरी गार्डन स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। जांच में सामने आया कि काम की तलाश में दिल्ली आया मोहम्मद फहीम उनको पहले से जानता था। 13 मार्च 1997 को पैसे चोरी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान आरोपी ने लोहे की रॉड से हमला किया और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को लकड़ी के दीवान बॉक्स में छिपाया और फरार हो गया। अदालत ने 14 अक्तूबर 1997 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। 

धालीवाल ने बताया कि  पुलिस के सामने आरोपी की तस्वीर और डिजिटल रिकॉर्ड न होने जैसी बड़ी चुनौतियां थीं। टीम ने उसके पैतृक गांव में पड़ताल की, जहां से पता चला कि वह जीवित है और बीच-बीच में गांव आता है। इसके बाद लखनऊ के चौक कोतवाली क्षेत्र में उसके होने की सूचना मिली। पुलिस ने निगरानी के बाद ठाकुरगंज से उसे गिरफ्तार कर लिया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का रहने वाला मोहम्मद फहीम लखनऊ के हुसैनाबाद इलाके में रह रहा था और पीओपी का काम कर रहा था।

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