बुध विहार थाना पुलिस ने एक अकाउंटेंट और उसकी पत्नी को कंपनी के 92 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अकाउंटेंट ने साजिश के तहत कंपनी के नाम का एक फर्जी बैंक खाता खोला और उसमें पत्नी को प्रोपराइटर दर्शाया। इसके बाद वह कंपनी की रकम को इस खाते में डालने लगा। कुछ दिन बाद उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। जांच में पता चला कि उसने कंपनी की रकम से प्रॉपर्टी व कार खरीदी और एक सहयोगी के खाते में 15 लाख रुपये जमा किए।
जिला पुलिस उपायुक्त एसडी मिश्रा ने बताया कि रिठाला गांव में नीलम लूथरा की स्टार रेक्सिन नाम की कंपनी है। इसमें रेडीमेड कपड़े का कारोबार होता है। नीलम लूथरा ने 29 अगस्त को बुध विहार थाने में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी में दस साल से काम करने वाले अकाउंटेंट अमित गौर ने लाखों रुपये का गबन किया है। इस वर्ष 10 जनवरी को वह कंपनी से इस्तीफा देकर चला गया। नए अकाउंटेंट ने जांच में पाया कि कंपनी के कई देनदार हैं। देनदारों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे कंपनी के नाम से चेक देकर पेमेंट कर चुके हैं। ये रुपये कंपनी के खाते में नहीं पहुंचे।
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पेमेंट कंपनी के नाम से खोले गए दूसरे खाते में गया है। डीसीबी बैंक में इस खाते को अमित गौर ने खुलवाया था और इसका प्रोपराइटर अपनी पत्नी रेणु गौर को बना दिया था। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार को जांच में पता चला कि अमित ने कंपनी के पैसे से भजनपुरा में प्रॉपर्टी खरीदी है और एक ईको स्पोर्ट्स कार भी ली है। पुलिस ने छापा मारकर अमित और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि अमित ने अपने एक परिचित मुकेश के खाते में भी 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं।