सफाई कर्मचारी की खुदकुशी का मामला : पार्षद विजय कुमार ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। कल्याणपुरी थाना क्षेत्र स्थित त्रिलोकपुरी इलाके में दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारी दीपक कुमार (46) की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने इस संबंध में आम आदमी पार्टी के स्थानीय पार्षद विजय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
दरअसल आरोप है कि विजय कुमार ने दीपक को एक बैंक से 15 लाख रुपये का लोन दिलवाया था। लोन की रकम दीपक को देने के बजाय विजय कुमार ने खुद ही हड़प ली। हालांकि मामले पर विजय कुमार ने हैरानी जाहिर की है। उनका कहना है कि निजी तौर पर वह दीपक को जानते भी नहीं हैं, ऐसे में लोन हड़पने के आरोप एकदम बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि मामला राजनीति से प्रेरित है।
निगम पार्षद ने खुद पर लगे तमाम आरोपों को गलत बताया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पार्षद पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है और पुलिस जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है।
पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक परिवार के साथ कल्याणपुरी इलाके में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी संगीता के अलावा दो बच्चे हैं। वह एमसीडी में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। फिलहाल उनकी तैनाती त्रिलोकपुरी वार्ड नंबर-192 में थी। एक सितंबर को दीपक ने घर में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
लोन के 15 लाख रुपये हड़पने का गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी संगीता ने कल्याणपुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दीपक को मकान खरीदना था, जिसके लिए उन्हें रुपयों की सख्त जरूरत थी। लोन की प्रक्रिया के सिलसिले में दीपक ने आप निगम पार्षद विजय कुमार से संपर्क किया था। आरोप है कि पार्षद ने दीपक को एक बैंक से 15 लाख रुपये का लोन तो दिलवा दिया, लेकिन लोन की पूरी रकम खुद अपने पास रख ली। जब दीपक ने अपने रुपये वापस मांगे तो पार्षद ने रकम देने से इन्कार कर दिया। आरोप है कि पार्षद ने लोन से जुड़े सभी जरूरी कागजात भी अपने पास ही रख लिए। बैंक की किश्त और रुपयों के लिए लगातार दबाव व ठगी से परेशान होकर दीपक गहरे अवसाद में चले गए और आखिरकार आत्महत्या कर ली। पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने मामला दर्ज कर होने की पुष्टि की है।