दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कुल 1281 मरीजों में से अभी भी 723 रोगी आईसीयू में हैं। इससे पता चलता है कि 50 फीसदी से ज्यादा रोगियों की हालत गंभीर है। मार्च के आखिरी सप्ताह से ही गंभीर मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। एम्स में कोरोना आईसीयू वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि देश में कोरोना की दूसरी लहर में पहले के मुकाबले कई गुना मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए। इनमें से अधिकतर ही हालत गंभीर थी। नए स्ट्रेन के कारण मरीजों में गंभीर लक्षण आए। यही कारण है कि अस्पतालो में रोगियों की संख्या कम होने के बावजूद भी आईसीयू में 50 फीसदी से ज्यादा मरीज हैं।
अस्पतालों में ऐसे कम हुई मरीजों की संख्या
| तारीख |
मरीज |
| 20 मई |
12462 |
| 24 मई |
8791 |
| 28 मई |
6037 |
| 2 जून |
4012 |
| 6 जून |
2789 |
| 10 जून |
2320 |
| 14 जून |
1789 |
| 18 जून |
1486 |
| 20 जून |
1281 |
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।