मनीष सिसोदिया ने कहा,
भाजपा नेता गरीब विरोधी
- कहा, इनके संस्थानों में मजदूरों को नहीं मिल रहा न्यूनतम वेतन, करेंगे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को भाजपा को गरीब विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दस दिन के आपरेशन मिनिमम वेज के दौरान छापेमारी में पार्टी का गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि गरीब का हक मारने वाले किसी भी शख्श को सरकार छोड़ेगी नहीं, बेशक वह कितनी भी पहुंच वाला हो।
मीडिया से वार्ता में मनीष सिसोदिया ने बताया कि दस दिन में श्रम विभाग ने 182 संस्थानों की जांच की है। इनमें से 165 जगह न्यूनतम मजदूरी कानून का उल्लंघन पाया गया। इनमें कुछ सरकारी अस्पताल, कुछ प्राइवेट अस्पताल, कुछ प्राइवेट कंपनियां और बड़े होटलों शामिल हैं। चार कंपनियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। बाकी को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान पता चला कि बड़े-बड़े भाजपा नेताओं की तरफ से दिल्ली में चलाए जा रहे स्कूलों, कॉलेजों, कंपनियों में मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। ओवरटाइम भुगतान के अलावा उन्हें चिकित्सा आदि से जुड़ी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। मनीष सिसोदिया ने इस दौरान भाजपा नेताओं के संस्थानों के नाम भी गिनाए। मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि दिल्लीवालों को पता चल गया है कि भाजपा नेता किस तरह गरीबों का हक मार रहे हैं।