दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर सेल ने एक जालसाज को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी के अनोखे तरीके का पर्दाफाश किया है। ग्राहकों के मोबाइल में आरोपी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कर देता था और फिर पीड़ित के एकाउंट से पैसे अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर लेता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अब तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुका है और जालसाजी में कौन-कौन शामिल हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या के अनुसार पीड़ित राजेश राजपूत ने दिल्ली कैंट थाने में नौ सितंबर को ठगी की शिकायत दी थी। राजेश ने कहा था कि किसी ने उसके सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर उसके खाते से 69334 रुपये निकाल लिए है, जबकि उसने किसी को बैंक से संबंधित किसी तरह की जानकारी नहीं दी थी। मामले की जांच जिले की साइबर सेल को सौंपी गई। साइबर सेल प्रभारी राजेश मालिक की देखरेख में एसआई नीरज व एसआई संदीप की टीम ने जांच शुरू की। बैंक से डिटेल लेने पर पता लगा कि राजेश के बैंक खाते से पेटीएम व मोबिकविक के जरिये रकम ट्रांसफर की गई है।
यह भी पता लगा कि रकम बंगलूरू निवासी मुकेश ओखेडा के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने मुकेश के बारे में पता किया तो वह अपना घर बार-बार बदल रहा था। आखिरकार एसआई नीरज की टीम ने मुकेश को बापरौला विहार, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह फरवरी-मार्च, 20 महीने में सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग में काम करता था। पीड़ित जब उसके पास बैंक का क्रेडिट कार्ड लेने आया तो आरोपी ने धोखे से उसका मोबाइल लेकर उसमें रिमोट एक्सेस एप लोड कर दी। इस एप के जरिये वह राजेश की डिटेल लेता रहा। इस एप के जरिए ही उसने राजेश के बैंक खाते से पैसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे।