डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और सार्वजनिक यात्रा पर आधारित एक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों द्वारा बनाई गई 76 मौलिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं। इन चित्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री के बचपन से लेकर सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को दर्शाया गया है। आयोजक डॉ. राकेश सर्वज्ञ ने प्रत्येक चित्र के पीछे के प्रसंगों से दर्शकों को रूबरू कराया।
प्रदर्शनी का आयोजन विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर ने किया। इसका उद्घाटन परोपकारी और लखी ग्रुप के अध्यक्ष दिलीप लखी और अहिंसा विश्व भारती तथा वर्ल्ड पीस सेंटर के संस्थापक जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने किया। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित की गई थी। डॉ. राकेश सर्वज्ञ ने बताया कि इन तस्वीरों में प्रधानमंत्री के जीवन के संघर्ष, अनुभव और समय की यात्रा समाहित है। उन्होंने कहा कि हर पेंटिंग एक कहानी कहती है, जो दर्शक को सोचने पर मजबूर करती है।
उद्योग और विकास की झलक :
प्रदर्शनी में एक पेंटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति रतन टाटा को एक साथ दर्शाती है। यह चित्र वर्ष 2008 में टाटा नैनो परियोजना के पश्चिम बंगाल के सिंगूर से गुजरात स्थानांतरित होने की घटना को दर्शाता है। डॉ. राकेश सर्वज्ञ ने बताया कि इसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की उद्योग को प्रोत्साहित करने की भूमिका को दिखाया गया है। यह पेंटिंग आर्थिक विकास और नीतिगत निर्णयों के प्रभाव को उजागर करती है। यह उस समय के महत्वपूर्ण औद्योगिक बदलाव का प्रतीक है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर संवाद :
एक अन्य पेंटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच बातचीत का दृश्य है। डॉ. राकेश सर्वज्ञ ने कहा, इसके जरिये कलाकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक चर्चाओं और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख किया है। इसमें बदलती वैश्विक परिस्थितियों और विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया गया है।
वडनगर स्टेशन पर बचपन के सपने :
प्रदर्शनी में एक भावनात्मक पेंटिंग बाल नरेंद्र मोदी के चाय बेचने के प्रसंग पर आधारित है।