नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हेरोइन की अब तक की सबसे बड़ी खेप पकड़ी है। स्पेशल सेल ने 600 करोड़ रुपये कीमत की 150 किलो हेरोइन के साथ दो अफगानी नागरिकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अफगानिस्तान से हेरोइन लाकर भारत समेत अन्य देशों में सप्लाई करते थे। हेरोइन की सबसे ज्यादा सप्लाई पंजाब में करते थे। गिरफ्तार आरोपी अफगानिस्तान से जिस तरीके से हेरोइन लाते थे, वह पहली बार सामने आया है।
स्पेशल सेल के डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि एसीपी ललित मोहन नेगी व हृदय भूषण की टीम आतंकी गतिविधियां व उससे सपोर्टिंग सिस्टम पर नजर रखे हुए थी। टीम को कुछ महीनों से सूचना मिल रही थी कि जामिया नगर इलाके से रात बारह बजे के बाद लग्जरी कारों का एक काफिला निकालता है। इन महंगी कारों में विदेशियों के अलावा भारतीय भी चलते हैं। इससे स्पेशल सेल को संदेह हो गया। काफी समय से नजर रखने के बाद 17 जुलाई को स्पेशल सेल को सूचना मिली कि कारों का काफिला लाजपत नगर इलाके में आएगा। एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनीज राजैन, रविंद्र जोशी व विनोद बडोला की टीम ने आश्रम चौक पर घेराबंदी कर अलग-अलग कारों में घूम रहे दो आरोपी गांव हरफला, बल्लभगढ़, हरियाणा निवासी धीरज उर्फ दीपक पुत्र प्रकाश और महारानी बाग, दिल्ली निवासी रईस खान को पकड़ लिया। दोनों की कारों से 30-30 किलो हेरोइन बरामद की गई। हेरोइन कारों में पिछली सीट पर बनी विशेष जगहों पर छिपाकर रखी हुई थी।
दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जाकिर नगर, जामिया नगर में दबिश दी और वहां से दो अफगानी शिनवारी रहमत गुल और अख्तर मोहम्मद शिनवारी को गिरफ्तार कर लिया। यहां पर आरोपियों ने केमिकल के जरिये हेरोइन को फिर से तैयार करने की यूनिट लगा रखी थी। अफगानी नागरिक केमिकल व मेकेनिकल में विशेषज्ञ हैं। यूनिट से कुल 60 किलो हेरोइन बरामद की गई। यूनिट के बाहर से पांचवें आरोपी जामिया नगर निवासी वकील अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपनी कार में 30 किलो हेरोइन छिपा रखी थी। पुलिस ने यूनिट से हेरोइन को फिर से तैयार करने के उपकरण, केमिकल व चार लग्जरी कारें बरामद की हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से दो सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस मौके की फोरेंसिक जांच करवाएगी।
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आरोपी अफगानिस्तान से ऐसे लोते थे हेरोइन
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी अफगानिस्तान में हेरोइन को केमिकल में डालकर उसका घोल बना लेते थे। इसके बाद घोल में जूट की बोरी डाल देते थे। बोरी पूरे घोल को सोख लेती थी। इसके बाद आरोपी इस बोरी में हींग आदि मसाला भारत भेजते थे। मसाला होने की वजह से हेरोइन की स्मैल किसी को नहीं आती थी। बोरी से मसाला निकलने के बाद आरोपी बोरी को जामिया नगर स्थित यूनिट में ले जाकर विशेष तरीके के केमिकल में डालते थे। केमिकल फिर से हेरोइन को सोख लेता था। फिर इस घोल को दूसरे केमिकल डालकर सुखाते थे। इसके बाद हेरोइन फिर से बन जाती थी। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार दूसरे देश से हेरोइन लाने का यह तरीका पहली बार सामने आया है।
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रहमत गुल को यूनिट के लिए विशेष रूप से बुलाया गया था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिनवारी रहमत गुल(30) लगातार भारत आता रहता था। उसे अफगानिस्तान की हेरोइन फैक्टरी में काम करने का अनुभव है। इस सिंडिकेट ने उसे यूनिट में फिर से हेरोइन तैयार करने के लिए भारत बुलाया गया था। अख्तर उसकी सहायता करता था। धीरज एक्सपर्ट ड्राइवर था। बाकी दोनों हेरोइन सप्लाई करते थे।