डीडीए वाइस चेयरमैन व निगमायुक्त रोकें अवैध निर्माण
- अदालत ने प्रेम नगर निवासी शख्स की शिकायत पर दिया आदेश
- अदालत ने इसे रोकने में नाकाम रहे संबंधित पुलिस वालों पर कार्रवाई को कहा
धीरज बेनीवाल
नई दिल्ली। अदालत ने उत्तर पश्चिम दिल्ली में चल रहे अवैध निर्माण पर डीडीए व नगर निगम को कार्रवाई करने के लिए कहा है। अदालत ने इसे रोकने में नाकाम रहे संबंधित पुलिस वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त को लिखा है। मामला उत्तर-पश्चिम दिल्ली के प्रेम नगर इलाके का है।
रोहिणी जिला अदालत के सीनियर सिविल जज नवीन कुमार कश्यप ने अवैध निर्माण रोकने के लिए गठित एसटीएफ के सदस्य एवं डीडीए के वाइस चेयरमैन व उत्तरी दिल्ली नगर निगम आयुक्त को क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई को कहा है। अदालत ने आदेश की कॉपी इन अधिकारियों को भेजी है। अदालत ने यह आदेश उमा शंकर नामक शख्स की शिकायत पर सुनवाई करते हुए दिया है। पीड़ित की ओर से अदालत में शिकायत दायर कर अधिवक्ता ऋषभ जैन ने कहा कि उनके मुवक्किल ने 2013 में प्रेम नगर में प्लॉट खरीदा था, जो खाली पड़ा था। इसका फायदा उठाकर बिल्डर माफिया ने उस पर कब्जा कर वहां अवैध निर्माण शुरू कर दिया। इसकी शिकायत पुलिस को दी लेकिन न कोई कार्रवाई हुई और न इसकी सूचना एसटीएफ को दी गई। प्रेम नगर में अवैध निर्माण की 50 से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं।
अदालत ने पीड़ित की शिकायत पर उसकी संपत्ति को सील करने तथा अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। अदालत ने 8 मई 2019 तक उत्तरी दिल्ली नगर निगम से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित उमा शंकर ने प्रेम नगर स्थित अपनी संपत्ति पर अवैध कब्जे व निर्माण की शिकायत थाना प्रेम नगर एसचओ को 8 जनवरी 2019 को दी थी लेकिन इस पर 14 फरवरी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने अदालत में भी इस बात को माना कि उमा शंकर की संपत्ति पर निर्माण की शिकायत शायद एसटीएफ को नहीं दी गई थी।