दिल्ली चिड़ियाघर में वन्यजीवों के संरक्षण और उन पर अध्ययन करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। वहीं आगंतुकों पर भी नजर रखी जाएगी। इस संबंध में चिड़ियाघर में तीन करोड़ रुपये की लागत से 300 कैमरे लगाए जाने का काम चल रहा है।
दरअसल, चिड़ियाघर में अभी कुछ ही जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था है। एक अधिकारी के अनुसार, चिड़ियाघर परिसर में सभी वन्यजीवों के बाड़ों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी। अधिकारी के अनुसार, कैमरे की मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों और उनके व्यवहार पर अध्ययन किया जाएगा। इससे भविष्य में उनके संरक्षण और इलाज में सहायता मिलेगी।
अधिकारी ने बताया कि कई बार कैमरा न होने की वजह से चिड़ियाघर प्रशासन वन्यजीवों के व्यवहार में हुए अंतर का पता नहीं लगा पाता है। ऐसे में कैमरे की मदद से हर पल निगरानी कर वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं, इसकी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी डॉक्टरों के पास रहेगी।
कई बार पर्यटकों द्वारा भी वन्यजीवों को परेशान करने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में कैमरे की मदद से इन गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में चिड़ियाघर परिसर में काफी हद तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद जब चिड़ियाघर खुलेगा, तब चिड़ियाघर पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा।
शारीरिक दूरी का पालन कराने में मिलेगी मदद
सीसीटीवी कैमरों से चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। कैमरों का उपयोग शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए भी किया जाएगा। कैमरे की मदद से चिड़ियाघर के चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी।