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दिल्ली में कोरोना का कहर : बीते 24 घंटे में सामने आए 24 हजार से अधिक मामले, 249 की मौत

Wed, 21 Apr 2021 11:39 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में कोरोना वायरस लगातार कहर बरपा रहा है। बुधवार को राजधानी में 24,638 नए मामले सामने आए, वहीं 249 कोरोना मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। 
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कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लेते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में कोरोना वायरस लगातार कहर बरपा रहा है। बुधवार को राजधानी में 24,638 नए मामले सामने आए, वहीं 249 कोरोना मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक दिन में 24638 नए मामले सामने आए हैं जबकि 249 मरीजों की मौत हुई है। राहत की बात है कि दिल्ली में पहली बार एक दिन में 24600 मरीजों को डिस्चॉर्ज भी किया गया।

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हालांकि अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार भर्ती मरीजों की तीन दिन निगरानी करने के बाद मोडरेट स्थिति वाले मरीजों को घर भेज दिया जा रहा है ताकि वह होम आइसोलेशन में अपना उपचार कर सकें और बिस्तरों की संख्या भी कम न पड़े। 

बहरहाल राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 9,30,179 हो चुकी है जिनमें से 8,31,928 मरीज ठीक हुए हैं। वहीं 12,887 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में मृत्युदर 1.39 फीसदी तक पहुंच चुकी है। हालांकि हर दिन नए मरीजों के बढ़ने से सक्रिय मामले अब 85,364 पहुंच चुके हैं जिनमें से 42768 मरीज अपने घरों में आइसोलेशन में हैं। अस्पतालों की बात करें तो केवल 2426 बिस्तर खाली हैं। 19753 में से 17327 बिस्तर अब तक भर चुके हैं। 
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70 से 45 हजार पर आई आरटी पीसीआर जांच
दिल्ली में कोरोना की जांच हर दिन कम होती जा रही है। बीते 14 अप्रैल तक दिल्ली में हर दिन 70 हजार से भी अधिक सैंपल की जांच आरटी पीसीआर के जरिए होने लगी थी लेकिन पिछले एक दिन में ही 45088 सैंपल ही जांचें गए। जबकि इससे पहले मंगलवार को 56724 और सोमवार को 68778 तक था। 

चार दिन की वेटिंग के चलते जांच हुई कम
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी की अधिकांश लैब में जांच की वेटिंग चार दिन तक पहुंच गई है। इसकी वजह से जांच का आंकड़ा कम हुआ है क्योंकि वेटिंग को खत्म करना भी जरूरी है। कई लैब ऐसी हैं जिनकी रिपोर्ट आने में पांच दिन तक का भी वक्त लग रहा है। जबकि कोरोना की दूसरी लहर में जितनी जल्दी रिपोर्ट मिले उतना सबसे जरूरी है क्योंकि शुरूआती दिनों में ही लोगों की तबियत बिगड़ने के कई मामले पता चले हैं। 

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