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भाजपा का फायदा पहुंचाने वाली है भाई-बहन की चुनावी मुहिम: संजय सिंह

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पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के ध्यानार्थ
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‘भाजपा को फायदा पहुंचाएगी भाई-बहन की चुनावी मुहिम’
आप सांसद संजय सिंह से खास बातचीत

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने अंदाज में सियासी मुहरें फिट कर रहे हैं। सभी की कोशिश लोकसभा चुनाव की अपनी मुहिम को कामयाब बनाने की है। गरमाते सियासी माहौल के बीच अमर उजाला संवाददाता संतोष कुमार ने आम आदमी पार्टी (आप) सांसद संजय सिंह से विस्तार से बात की। पेश है उसके अंश...


सवाल : आप कितनी सीटों पर चुनाव लड़ रही है?
जवाब : दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गोवा और चंडीगढ़ की सभी सीटों पर आप उम्मीदवार होंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश की 20, बिहार की 15 सीटों समेत उन राज्यों में आप प्रत्याशी होंगे, जहां संगठन मजबूत है। करीब 80 सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी।
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सवाल : कितना जीतने की उम्मीद है?
जवाब : इसका जवाब जनता के पास है। हमने ऐसा कोई आंकलन नहीं किया है।

सवाल : इस वक्त बड़ी सियासी चर्चा कांग्रेस-आप गठबंधन की है। फिलहाल क्या स्थिति है?
जवाब : हमने पहले दिन अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी कि आप कांग्रेस के साथ गठबंधन को तैयार है। इस पर कांग्रेस को जवाब देना है, लेकिन भाई-बहन (राहुल गांधी-प्रियंका गांधी) उन्हीं राज्यों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं, जहां विपक्षी दल मजबूत हैं। यह मुहिम भाजपा को फायदा पहुंचाने वाली है। मसलन, दोनों का फोकस उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों पर है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, गुजरात उनके एजेंडे में नहीं दिखते। इससे लगता है कि कांग्रेस की रणनीति से ज्यादा फायदा भाजपा को होने जा रहा है।

सवाल : तब आपने कांग्रेस के साथ गठबंधन का ऑफर क्यों किया?
जवाब : आज जो पार्टी संविधान व लोकतंत्र के लिए खतरा बनी हुई है, उस पार्टी को रोकने के लिए आप गठबंधन को तैयार हुई थी। दिल्ली में सत्ता में होने के बावजूद हम बातचीत के लिए तैयार हुए थे, लेकिन कांग्रेस की स्थिति अभी तक इस पर साफ नहीं हुई है।

सवाल : समझौते के लिए आप का क्या प्रस्ताव था?
जवाब : दिल्ली में आप की सरकार है। वहीं, पंजाब में मुख्य विपक्षी दल। इसके अलावा गोवा, हरियाणा समेत चंडीगढ़ में मजबूत जनाधार है। चारों राज्यों में साथ-साथ लड़ने का हमारी तरफ से प्रस्ताव था।

सवाल : कितनी सीटें आप कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार है?
जवाब : हमने सैद्धांतिक तौर पर सहमति का अपना प्रस्ताव भेजा था। सीट शेयरिंग पर चर्चा बातचीत की टेबल आने के बाद ही होगी, जिसकी अभी तक नौबत नहीं आई है।

सवाल : अपनी तरफ से गठबंधन की पहल करके कहीं आप बैकफुट पर तो नहीं चली गई? आप कार्यकर्ता व उम्मीदवार इससे असमंजस में नहीं होंगे?
जवाब : हमने गठबंधन का ऑफर दिया था, अपनी चुनावी तैयारियों को कभी नहीं रोका। आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत सभी वरिष्ठ नेताओं की चुनावी रैलियां हो रही हैं। दिल्ली की सातों सीटों पर आप उम्मीदवार मजबूती से अपना प्रचार अभियान आगे बढ़ा रहे हैं। हर स्तर पर हमारी तैयारी विपक्षियों से बेहतर है। कांग्रेस ने अभी अपना प्रचार शुरू नहीं किया है, जबकि भाजपा हवाबाजी में फंसी है।
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सवाल : आपके चुनावी मुद्दे क्या हैं?
जवाब : हमने राज्यवार चुनावी मसले तय किए हैं। दिल्ली में पूर्ण राज्य चुनावी मसला है, तो पंजाब में नशाखोरी, किसान आत्महत्या व कानून व्यवस्था। हरियाणा व उत्तर प्रदेश के लिए भी कानून व्यवस्था अहम मसला है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर हमारी कैंपेनिंग लोकतंत्र, देश का संघीय ढांचा व गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए है।

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