दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हैं। इसी बीच दिल्ली-एनसीआर में दो महीनों से भूकंप के झटके लग रहे हैं। हालांकि भूकंप की तीव्रता (3.5) बहुत कम है। लेकिन विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जाहिर की है।
विशेषज्ञों ने कहा है, भूकंप के झटकों को हल्के में न लें, ये एक भारी गलती हो सकती है। भूकंप से कम नुकसान हो इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। हाल ही में लगातार आए, दिल्ली एनसीआर में 13 बार भूकंप के झटकों ने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है।
नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के पूर्व हेड एके शुक्ला ने कहा कि अभी तक ऐसी कोई मशीन नहीं है जो भूकंप की भविष्यवाणी कर सके। लेकिन इसे चेतावनी के रूप में जरूर देख सकते हैं। साथ ही कहा, दिल्ली में आए छोटे भूकंप को देखते हुए, भविष्य में 6.5 रिक्टर स्केल तक का भूकंप आ सकता हैं।
ज्यादातर इमारतें भूकंप के झटके लेने लायक नहीं
दिल्ली एनसीआर में लगातार झटकों के बारे में जानकार कहते हैं, बड़े भूकंप के आने से पहले हमें पहले से तैयारी करनी होगी। एनसीआर में ज्यादातर इमारतें गंभीर जोन में हैं यानि जोन 4 और बहुत गंभीर जोन 5 में हैं जो झटके झेलने के लायक नहीं हैं।