इंस्पेक्टर भानुप्रताप की टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि असली बेवसाइट www.pmgdisha.in है। आरोपी ने इसके आगे wb और जोड़ दिया। इससे उसकी वेबसाइट www.wbpmgdisha.in हो गई। इसी के झांसे में युवक फंसते चले गए। पुलिस ने इस वेबसाइट को ब्लॉक कराया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फर्जी वेबसाइट पर आने वाले लोगों को शिक्षक बनाने का झांसा देकर रुपये ऐंठ लेता था। कभी रजिस्ट्रेशन फीस तो कभी किसी अन्य फीस के नाम पर वह अपने खाते में रुपये ट्रांसफर कराता था। साइबर क्राइम यूनिट ने कुछ समय पहले एक ऐसे आरोपी को पकड़ा था, जो प्रधानमंत्री के नाम से वेबसाइट बनाकर फर्जी लैपटॉप बांटने का लालच देकर ठगी करता था।