नई दिल्ली। कोर्ट ने तब्लीगी जमात मामले में किर्गिजस्तान और इंडोनेशिया के 121 नागरिकों को जुर्माना लगाकर मंगलवार को रिहा कर दिया। इन सभी विदेशी जमातियों ने समझौता याचिका दायर कर सजा कम करने का आग्रह किया था। सभी आरोपियों पर निजामुद्दीन मरकज में अवैध रूप से आयोजित तब्लीगी जमात में शामिल होने, वीजा नियमों और कोरोना महामारी पर सरकारी आदेश के उल्लंघन का आरोप था।
साकेत जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी रजत गोयल ने इंडोनेशिया के 98 नागरिकों को दस-दस हजार रुपये जुर्माना भरने की शर्त पर रिहा कर दिया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जुर्माने की राशि पीएम केयर्स फंड में जमा करने का निर्देश दिया।
वहीं महानगर दंडाधिकारी रोहित गुलिया ने 5 -5 हजार रुपये के जुर्माने पर किर्गिजस्तान के 23 नागरिकों को रिहा कर दिया। इनकी ओर से वकील आशिमा मंडला ने पैरवी की। सभी आरोपियों को उनके देशों के उच्चायोगों और पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया।
इस मामले में शिकायतकर्ता डिफेन्स कॉलोनी के एसडीएम, लाजपत नगर के एसीपी और निजामुद्दीन थाने के इंस्पेक्टर की ओर से कोई आपत्ति न जताए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को रिहा किया। आरोपियों को हाल ही में कोर्ट ने 10 -10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी।