नई दिल्ली। देश की विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस पद्मावती का 103 वर्ष की आयु में कोविड-19 से निधन हो गया। उन्हें देश की पहली महिला कार्डियोलॉजिस्ट होने का गौरव प्राप्त था।
राष्ट्रीय हृदय संस्थान की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत की पहली महिला हृदय रोग विशेषज्ञ का 29 अगस्त को कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और बुखार की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया हो गया था। डॉ. पद्मावती ‘गॉडमदर ऑफ कार्डियोलॉजी’ के नाम से भी मशहूर थीं। वह रंगून मेडिकल कॉलेज और फिर इंग्लैंड से मेडिसिन की डिग्री लेने के बाद दिल्ली आ गई थीं। उन्होंने 1962 में ऑल इंडिया हार्ट फाउंडेशन की स्थापना भी की थी। भारत में कार्डियोलॉजी के विकास के लिए डॉ पद्मावती को कई सम्मान से नवाजा गया था। उन्हें अमेरिका के कार्डियोलॉजी कॉलेज ने फेलोशिप प्रदान की थी। भारत सरकार ने 1967 में डॉ. पद्मावती को पद्म भूषण और 1992 में पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से नवाजा था।