शिक्षा के मामले में कई बार नए मापदंड गढ़ चुके दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को लीड पोर्टल लांच किया। इस पोर्टल पर दिल्ली के पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 10 हजार शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी।
इसके माध्यम से बच्चे स्कूलों के न खुलने के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पाठ्य सामग्री को लगातार अपडेट रखने के लिए 25 सदस्यों की एक विशेष टीम इस पर लगातार काम करती रहेगी।
इस पोर्टल पर सीबीएसई, एनसीआरटी और दिल्ली सरकार की कक्षाओं में पढ़ाई जाने वाली हर सामग्री उपलब्ध होगी। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बच्चों की शिक्षा का स्तर चेक करने के लिए पोर्टल पर प्रश्न पत्र भी उपलब्ध होंगे।
हालांकि, सरकार के इस प्रयास के बाद भी उन बच्चों की पढ़ाई आगे बढ़ाने में बाधा आ सकती है जिनके पास इन्टरनेट सेवा, लैपटॉप या अच्छे स्मार्ट फोन नहीं हैं। सरकार ने ऐसे छात्रों के भविष्य को भी ध्यान में रखकर योजना बनाने के लिए कहा है। ऐसे छात्रों को सिस्टम उपलब्ध कराने पर भी विचार करने की संभावना है।
शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने लीड (Learning through e-resources made accessible for Delhi) पोर्टल को लांच करने के अवसर पर कहा है कि कोरोना काल में स्कूलों के बंद रहने के बाद भी बच्चों की पढ़ाई को आगे बढ़ाना बेहद जरुरी हो गया है।
इसके लिए पहले ही ऑनलाइन क्लास शुरू की गई थी, लेकिन अभी स्कूलों को खोलने के बारे में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। यही कारण है कि अब बच्चों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए लीड पोर्टल के माध्यम से हर बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित की जायेगी।
हैपीनेस क्लास का करिकुलम भी
दिल्ली के स्कूली छात्रों को तनाव से बचाने के लिए शुरू किया गया हैपीनेस करिकुलम इस समय ज्यादा ही उपयोगी हो गया है क्योंकि बच्चे इस समय कहीं घूमने नहीं जा पा रहे हैं और घर में बैठे-बैठे उन पर तनाव भारी पड़ रहा है। बच्चों की इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने लीड पोर्टल पर हैपीनेस करिकुलम को भी जगह दिया है।