स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस जोया खान की काफी समय से तलाश कर रही थी, मगर हर बार वह बच निकलती थी। जोया (33 ) अपने पति के गैंग को भी संभालने में महत्वपूर्ण निभा रही थी। पुलिस को लंबे वक्त से शक था कि वह अपराधों में शामिल है, लेकिन पुख्ता सबूत न मिलने के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इस बार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
2014 में शुरू हुआ था प्रेम प्रसंग
हाशिम बाबा पर हत्या, उगाही और हथियार तस्करी के दर्जनों मामले दर्ज हैं। जोया उसकी तीसरी पत्नी है। उसने 2017 में जोया से शादी की। जोया मूलरूप से वेलकम की ही रहने वाली है। हालांकि जोया की यह दूसरी शादी है। साल 2014 में पहली शादी के बाद उसका तलाक हो गया था। दोनों नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के रहने वाले थे और वहीं से इनका प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ।
हाशिम के बाद संभाली थी गिरोह की कमान
गैंगस्टर हाशिम बाबा के जेल में जाने के बाद जोया ने उसके गैंग की कमान संभाल ली थी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर की तरह काम कर रही थी। वह उगाही और ड्रग्स सप्लाई के मामलों को देखती थी। पुलिस का दावा है कि उसने पति के कहने पर कई गैरकानूनी कामों को अंजाम दिया।
लग्जरी लाइफस्टाइल और हाई-प्रोफाइल पार्टियों की शौकीन
जोया खान अपने हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए भी मशहूर थी। वह महंगे कपड़े पहनती है। ब्रांडेड सामान इस्तेमाल करती और हाई-फाई पार्टियों में शामिल होती थी। सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहती थी, जहां वह अपने आलीशान जीवन की झलक दिखाती थी।
हाशिम से ट्रेनिंग लेकर गिरोह चला रही थी
जोया अक्सर तिहाड़ जेल जाकर हाशिम बाबा से मिलती थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाशिम बाबा उसे स्पेशल कोड भाषा में गैंग के चलाने की ट्रेनिंग देता था। जोया गैंग के सदस्यों के कॉन्टैक्ट में रहती थी और कई बड़े अपराधियों से संबंध रखती थी।
नादिर शाह के शूटरों को दी थी पनाह
स्पेशल सेल के अधिकारियों का संदेह है कि जोया खान ने दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 में सितंबर 2024 में हुए नादिर शाह हत्याकांड के शूटरों को रहने की जगह दी थी। इस मामले में पिछले महीने उसे स्पेशल सेल के लोधी कॉलोनी स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था।
लॉरेंस बिश्नोई से भी था कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, हाशिम और लॉरेंस की दोस्ती 2021 में जेल में हुई थी। दोनों भले ही अलग-अलग जेलों में थे, लेकिन वे फोन और वीडियो कॉल्स के जरिए संपर्क में रहते थे। नादिरशाह हत्या मामले में दोनों गैंगस्टरों का नाम सामने आया था।
हाशिम की छेनू गैंग से चल रही है रंजिश
उत्तर-पूर्वी दिल्ली लंबे समय से अपराधी गिरोहों का गढ़ रहा है। यहां छेनू गैंग, हाशिम बाबा गैंग और नासिर पहलवान गैंग जैसे कई गिरोह सक्रिय हैं। पहले ये गैंग सिर्फ नशीली दवाओं की तस्करी करते थे, लेकिन 2007 के बाद इनके बीच खूनी संघर्ष भी बढ़ गया, जिससे क्षेत्र में शुरू हुई गैंगवार में हत्याओं की संख्या बढ़ गई।