पिछली सर्दी में 69 दिन रेड और डार्क रेड जोन में रहा एक्यूआई, इस बार भी वही हालात
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में सर्दी से पहले प्रदूषण से निपटने की तैयारियां जमीन पर नजर नहीं आ रही हैं। एक अक्तूबर से हवा में प्रदूषण बढ़ने लगता है, लेकिन शहर में इसके बड़े कारण अब भी बने हुए हैं। प्रदूषण हॉट स्पॉट बरकरार हैं। ज्यादातर सड़कें टूटी हैं। कच्चे रास्तों से धूल उड़ रही है। जाम के स्थान सात से बढ़कर 10 हो गए हैं। ऐसे में सर्दी में शहर की हवा फिर खराब होने की आशंका है।
सूरजपुर से हल्दौनी तक डीएससी रोड पर धूल के साथ रोज जाम लगता है। यह क्षेत्र यूपीपीसीबी के प्रदूषण हॉट स्पॉट में शामिल है। औद्योगिक सेक्टर साइट-सी में भी धूल की समस्या है। कच्चे रास्तों को पक्का नहीं किया गया है। यानी जिन समस्याओं से सर्दियों में प्रदूषण बढ़ता है, वे सीजन शुरू होने से पहले ही मौजूद हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) हर साल सर्दी से पहले प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी करता है। धूल नियंत्रण, निर्माण कार्यों की निगरानी और यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा में पुराने हॉट स्पॉट खत्म नहीं हुए हैं।
नौ स्टेशनों से होगी हवा की निगरानी
प्रदूषण की निगरानी जरूर बढ़ाई जा रही है। अभी नॉलेज पार्क-3 और नॉलेज पार्क-5 में दो मॉनिटरिंग स्टेशन हैं। छह नए स्टेशन लगने के बाद इनकी संख्या नौ हो जाएगी। नोएडा एयरपोर्ट पर स्टेशन लग चुका है और सीपीसीबी उसका ट्रायल करा रहा है। गौड़ यमुना सिटी और पंचायतन में दो स्टेशनों का काम चल रहा है। मंगलवार को डीएमआईसी क्षेत्र में तीसरे स्टेशन का काम शुरू हुआ। बाकी स्थानों पर जमीन चिह्नित है। एनओसी मिलने के बाद काम शुरू होगा। जाम को लेकर भी पुलिस को प्रमुख स्थानों की रिपोर्ट भेजी गई है। यूपीपीसीबी के मुताबिक, यातायात दबाव कम करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जरूरत है।
सर्दी में सांस लेना हो जाता है मुश्किल
पिछले साल अक्तूबर से फरवरी के बीच 151 दिनों में 59 दिन एक्यूआई रेड जोन में रहा। 10 दिन हवा डार्क रेड जोन में रही। 57 दिन एक्यूआई ऑरेंज जोन में दर्ज हुआ। यानी पांच महीने में ज्यादातर समय हवा खराब या उससे भी खराब श्रेणी में रही।
हर 5 किमी पर मॉनिटरिंग स्टेशन, कुल 9 होगी संख्या
ग्रेटर नोएडा में अब करीब हर पांच किलोमीटर पर वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन होगा। छह नए स्टेशन लगने के बाद कुल नौ स्टेशन हवा की निगरानी करेंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर पता लगाने में मदद मिलेगी।
इन छह जगह पर लगेंगे नए एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन
गौड़ यमुना सिटी
सेंट जॉर्ज स्कूल, पंचायतन
डीएमआईसी में यू-2 पानी की टंकी परिसर
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय
शिव नादर विश्वविद्यालय
आंबेडकर पार्क, बादलपुर
ग्रेनो में जाम लगने वाली जगहें
किसान चौक
हनुमान मंदिर गोल चक्कर
एक मूर्ति गोल चक्कर
अर्था गोल चक्कर
इटैड़ा गोल चक्कर
मिलक चौक
परी चौक
तिलपता गोल चक्कर
कासना
सूरजपुर से फेज-2 तक डीएससी रोड
पिछले साल सर्दी के दौरान वायु प्रदूषण का हाल
अक्तूबर : 01 दिन ग्रीन, 11 दिन येलो, 17 दिन ऑरेंज, 2 दिन रेड
नवंबर : 01 दिन येलो, 06 दिन ऑरेंज, 18 दिन रेड, 5 दिन डार्क रेड
दिसंबर: 7 दिन ऑरेंज, 20 दिन रेड, 4 दिन डार्क रेड
जनवरी: 3 दिन येलो, 11 दिन ऑरेंज, 16 दिन रेड, 1 दिन डार्क रेड
फरवरी: 9 दिन येलो, 16 दिन ऑरेंज, 3 दिन रेड
कोट
छह नए मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इनमें से दो का काम पहले से चल रहा है, जबकि मंगलवार को तीसरे स्टेशन का काम शुरू हो गया। जाम वाले प्रमुख स्थानों को चिह्नित कर पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई है, ताकि यातायात नियंत्रण के उपाय किए जा सकें। प्रदूषण हॉट स्पॉट की सूची भी जल्द प्राधिकरण को भेजी जाएगी। सर्दी शुरू होने से पहले संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं।
-विकास मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी ग्रेनो