मोबाइल फोन छीन लिए
पहले युवक ने एक कागज में आग जलाई और दोनों छात्राओं के हाथों में गेंदे का फूल, पीपल का पत्ता और पत्थर थमा दिया। उसने धमकी दी कि इन्हें नदी में नहीं बहाया तो उनकी जान चली जाएगी। इसके बाद, दोनों को पैदल अग्रवाल कॉलेज के पास ले जाया गया। वहां पीड़िता की सहेली को डराकर फूल, पत्थर और पत्ता वापस बस अड्डे पर रखने के लिए भेज दिया गया और दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए गए।
आरोपियों ने नहर के पास ले जाकर किया दुष्कर्म
पीड़िता को एक ऑटो में बिठाकर आगरा नहर के पास गंदा नाला क्षेत्र में ले जाया गया। वहां आरोपियों ने कहा कि फूल, पत्थर और पत्ता पीपल के पेड़ की जड़ में रखना है, वरना उसे और उसकी सहेली को जान से मार देंगे। इसके बाद, दोनों ने उसे जंगल में एक पीपल के पेड़ के पास ले जाकर उसके हाथ-पैर पकड़े, कपड़े उतारे और दुष्कर्म किया। इस दौरान, एक फोन कॉल आने पर आरोपी फोन बंद करने में व्यस्त हो गए। मौके का फायदा उठाकर पीड़िता भागकर सड़क पर पहुंच गई, जबकि दोनों आरोपी जंगल की ओर फरार हो गए।
पुलिस कार्रवाई और मेडिकल जांच
पीड़िता का सिविल अस्पताल, फरीदाबाद में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल का फॉरेंसिक साइंस टीम से निरीक्षण करवाया और शिकायत में बताए गए रास्तों के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए। थाना शहर बल्लभगढ़ और अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
यह घटना अंधविश्वास और अपराध के गठजोड़ को उजागर करती है, जिसने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया है।