युवा संगम फेज छह के तहत आईआईटी दिल्ली ने युवाओं को कराया दिल्ली की विविधता और नवाचार से रूबरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली ने युवा संगम फेज छह के तहत छत्तीसगढ़ से आए 48 युवा प्रतिभागियों के एक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल का प्रमुख हिस्सा है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक जुड़ाव को मजबूत करना है। कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का नोडल उच्च शिक्षण संस्थान बनाया गया। वहीं, छत्तीसगढ़ स्थित आईआईटी साझेदार संस्था है।
युवाओं को राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, दिल्ली हाट, अक्षरधाम सहित कई दूसरे पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। युवाओं ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ संवाद सत्र में युवाओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, युवा आकांक्षाओं और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का समापन समारोह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों को शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। युवाओं ने आईआईटी दिल्ली के रिसर्च एंड इनोवेशन पार्क का भी दौरा किया और स्टार्टअप संस्थापकों से बातचीत कर नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र से रूबरू हुए। आईआईटी दिल्ली की प्रोफेसर शिल्पी शर्मा ने कहा कि युवा संगम केवल एक आदान-प्रदान कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत की विविधता, संस्कृति और एकता को समझने की यात्रा है जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।