अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2016 में पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में सुनील उर्फ गोलू को दोषी ठहराया है। अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपने साथी को उकसाकर एक कांस्टेबल को चाकू मारने के लिए भड़काया था, जिसमें हत्या का इरादा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष कुमार मिश्रा ने इस मामले की सुनवाई की। आरोपी सुनील पर पुलिसकर्मियों पर हमला, हत्या के प्रयास और मुकदमे के दौरान फरार होने के आरोप थे।
21 मई को दिए आदेश में अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। न्यायाधीश ने कहा, यदि ऐसे गवाह की गवाही विश्वसनीय, भरोसेमंद, सुसंगत और अन्य गवाहों या स्वीकार्य सबूतों से समर्थित है, तो केवल इसलिए कि वह पुलिस अधिकारी है और मामले में सफलता में उसकी कुछ रुचि हो सकती है, उसकी गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। मामला 2016 का है, जिसमें दो पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि सुनील ने अपने साथी को उकसाया और कांस्टेबल को चाकू से घायल करने की कोशिश की।