पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले प्रदीप और बिलखते परिजन।
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हत्या के संदेह में गिरफ्तार युवक की पुलिस हिरासत में यातनाएं देने से मौत हो गई। मामले में एसपी डा. यशवीर सिंह ने पिलखुवा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश बालियान, छिजारसी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अजब सिंह व आरक्षी मनीष कुमार को निलंबित कर दिया। युवक की मौत के बाद ग्रामीण भड़क उठे।
बवाल की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर सोमवार को दिन भर थाना पुलिस छावनी बना रहा। जानकारी के मुताबिक, पिलखुवा थाना क्षेत्र के गांव लाखन में 30 अगस्त को एक महिला का शव बरामद हुआ था। महिला की शिनाख्त थाना जारचा के ततारपुर निवासी के रूप में हुई। मृतका गांव लाखन निवासी प्रदीप तोमर (31) पुत्र राजकुमार तोमर के साले की पत्नी थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
परिजनों ने बताया कि पुलिस ने रविवार शाम को प्रदीप के छोटे भाई कुलदीप को धोखे से फोन कर पिलखुवा बुलाया था, जहां से उसे हिरासत में लिया गया। उसके बाद छिजारसी चौकी पुलिस ने कुलदीप से फोन कराकर प्रदीप को भी चौकी बुलवा लिया। आरोप है कि पुलिस ने रात में प्रदीप को यातनाएं दी जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। पुलिस ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर हालत में उसे मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया। जहां रास्ते में ही प्रदीप ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही परिजन व ग्रामीण मेरठ मेडिकल पहुंच गए, जहां उन्होंने खूब हंगामा किया।