पुलिस अधिकारी का कहना है कि शुरुआती जांच में हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा। जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, रणजीत अपने परिवार के साथ एटा में रहता था। उसके परिवार में पिता राकेश, मां, दो बहनें और दो भाई हैं। वह गुरुग्राम में निजी कंपनी में कार्यरत था।
शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि शनिवार की रात रणजीत बुराड़ी संत नगर में रहने वाली अपनी प्रेमिका से मिलने आया था। दोनों छत पर मौजूद थे। इसी दौरान परिवार के सदस्यों की आंख खुल गई। रणजीत पांचवीं मंजिल पर अंधेरे की आड़ में छिपकर बैठ गया। आशंका है कि रात को भागने की कोशिश करने पर वह छत पर कपड़े सुखाने के लिए बंधी रस्सियों में उलझ गया। रस्सी उसके गले में लिपट गई, जिससे उसकी मौत हो गई। युवक का बैग भी लटक रहा था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।