नरेला इलाके में डीडीए के एक खुले नाले में गिरने से 36 वर्षीय सूरज नाम के युवक की मौत हो गई। शनिवार सुबह सैर पर निकले लोगों ने नाले में युवक के पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि युवक शराब के नशे में संतुलन खोकर नाले में गिरा होगा और निकल नहीं पाया, जिसकी वजह से डूबने से उसकी जान चली गई होगी। हालांकि, वह नाले तक कैसे पहुंचा और यह हादसा था या हत्या, इसकी जांच की जा रही है।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी सक्सेना ने बताया कि सुबह 6:30 बजे नरेला थाना पुलिस सूचना पर सेक्टर पांच नरेला के पास पहुंची। यहां सड़क के किनारे बने चार से पांच फीट गहरे नाले में एक युवक गिरा हुआ नजर आया। पुलिस ने युवक को बाहर निकाला और अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई धीरू ने उसकी पहचान सूरज के रूप में की।
उसने बताया कि भाई अविवाहित था। वह ढोल बजाने का काम करता था। नशे का आदी था और अक्सर दो तीन दिन तक घर से बाहर रहता था। रात में घर नहीं आया तो परिजनों ने उसकी आदत समझकर खोजबीन भी नहीं की। सुबह उन्हें हादसे का पता चला। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम से ही मौत की असल वजह का पता चल सकेगा। इसके बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
सड़क से दूर है नाला तो वहां तक कैसे पहुंचा सूरज
सूरज की जिस नाले में गिरने से मौत हुई है, वह सड़क से दूर है। सड़क के बगल में फुटपाथ है और फिर नाले से सटी दुकानें हैं। इस नाले को दुकान वालों ने ढक रखा है, अन्य जगहों पर वह खुला है, जिस जगह पर युवक नाले में गिरा वहां शहजाद का सैलून है। शहजाद ने बताया कि वह रात दस बजे दुकान बंद करके वहां से गया था उस समय ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उसने आशंका जताई कि घटना देर रात की है। पुलिस हत्या की आशंका से भी इन्कार नहीं कर रही है।
नाले खुले होने की वजह से लगातार होती है घटना
घटना के बाद से स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। स्थानीय निवासी नसीम ने बताया कि नाले के खुले होने की वजह से अकसर घटनाएं होती रहती है। उन्होंने बताया कि कई बार नाले में बच्चे गिर चुके हैं। मवेशी भी गिर जाते हैं। उन्होंने बताया कि नाले को ढकने के लिए कई बार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन डीडीए के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
स्थानीय निवासी शोएब ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि सिविक एजेंसियां एक दूसरे का नाला बताकर इसकी सफाई नहीं करती हैं। अगर सफाई कर दी तो मलबा किनारे रख दिया जाता है और ढक्कन भी खोल दिया जाता है, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।