अशोक विहार इलाके में बीते तीन सितंबर को बच्चा चोरी के आरोप में भीड़ हिंसा के शिकार युवक ने शनिवार सुबह इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। पिछले 18 दिन से युवक अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा था।
पुलिस के अनुसार मृत युवक की शिनाख्त गोविंद के रूप में हुई है। वह अपनी मां और बड़े भाई के साथ वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के बी ब्लॉक में रहता था। बीते 3 सितंबर की देर रात गोविंद अपने दोस्त सुरेश के साथ झुग्गी के पास स्थित रेलवे पटरी पर बैठकर बात कर रहा था। कुछ देर बाद सुरेश झुग्गी से पानी लाने गया। इसी बीच दो बदमाश गोविंद को चाकू दिखाकर उससे मोबाइल और नकदी छीनने लगे।
गोविंद वहां से झुग्गी की ओर भागा। बदमाश भी उसके पीछा भागे। जान बचाने के लिए गोविंद कई मकान के दरवाजे को पीटकर उसे खुलवाने की कोशिश की। लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। गोविंद यशवंत नाम के व्यक्ति के घर के दरवाजा को धक्का मारा। दरवाजा खुल गया। यशवंत बच्चा चोर का शोर मचाकर उसे पीटने लगा।
शोरशराबा सुनकर आसपास के लोगों की नींद खुल गई और फिर सभी उसे बच्चा चोर समझकर उसकी लाठी- डंडे से पिटाई कर दी। इस दौरान गोविंद हाथ जोड़कर उनके सामने गिड़गिड़ाता रहा। लोगों ने उसे बांध कर इतनी पिटाई की कि वह अधमरा हो गया। यशवंत ने पुलिस को फोन कर बच्चा चोर पकड़ने की जानकारी दी थी। पुलिस ने खून से लथपथ गोविंद को पास के अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत नाजुक देख उसे सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां शनिवार सुबह गोविंद ने दम तोड़ दिया। जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि मामले की जांच के दौरान बच्चा चोरी की बात सामने नहीं आई। पुलिस ने गोविंद के बयान पर हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर जेलर वाला बाग निवासी यशवंत, राकेश यादव और फूलचंद को गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं।