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कौन है नदीम?: जिसने एआई से फर्जी वीडियो बनाकर एसीपी को किया बदनाम, खुद है 10वीं फेल; फोन में मिला ऐसा कंटेंट

Tue, 06 Oct 2026 07:20 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उस पर फर्जी वीडियो बनाने का आरोप है। इन वीडियो में एक पुलिस अधिकारी पर गलत आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने वीडियो फर्जी पाए। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी नदीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई दिल्ली जिले की साइबर थाना पुलिस ने एआई के जरिए फर्जी वीडियो बनाकर दिल्ली पुलिस के एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत पर झूठा आरोप लगाने वाले युवक नदीम अहमद अमीन (24) को गिरफ्तार कर लिया है। नदीम ने एआई के जरिए जो फर्जी वीडियो बनाया उसमें एसीपी विवेक भगत को गलत तरीके से दिखाया गया था कि वह एक युवती से छेड़छाड़ कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने जांच में पाया है कि पुलिस अधिकारी द्वारा महिला से छेड़छाड़ वाले वीडियो फर्जी हैं। मदरसे से पढ़ाई करने वाले आरोपी के कब्जे से आपत्तिजनक रील फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है।

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नई दिल्ली जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) मंजीत ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी दी है कि चार अक्तूबर को सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान कुछ इंस्टाग्राम/फेसबुक रील्स सामने आईं जिनमें एक बनावटी/छेड़छाड़ किए गए वीडियो को असली सीसीटीवी फुटेज के तौर पर दिखाया जा रहा था। इसमें पुलिस अफसर की वर्दी पहने एक अधिकारी को एक युवती के साथ कथित तौर पर यौन रूप से अनुचित व्यवहार करते हुए दिखाया गया था। कथित सीसीटीवी फुटेज के साथ एसीपी विवेक भगत की तस्वीर, नाम और पद को प्रमुखता से दिखाया गया था। 

पलवल का रहने वाला है आरोपी, फोन में मिला ऐसा कंटेंट
जांच में पता लगा कि यह वीडियो एक ''न्यूज आईना'' नाम की इंस्टाग्राम आईडी से अपलोड की गई थी। पुलिस ने जब इस अकाउंट की जांच की तो पता चला कि यह आईडी जिला पलवल, हरियाणा निवासी नदीम पुत्र फारूक अहमद चलाता है। नई दिल्ली जिले की साइबर थाना पुलिस ने आरेापी को 5 अक्तूबर को हरियाणा के मेवात इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी का इंस्टाग्राम अकाउंट लॉग-इन पाया गया, जिसके जरिए आपत्तिजनक रील फैलाई गई थी। इसके अलावा, उस मनगढ़ंत रील से जुड़ा कंटेंट/फोटो भी मोबाइल फोन की गैलरी में मिला।

इन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है
आरोपी नदीम अहमद के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कई धाराओं में इनमें बीएनएस की धारा 353 झूठी खबर फैलाकर लोक शांति/सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना, धारा 352 ऐसा काम करने का आरोप, जिससे शांति भंग होने के लिए उकसावे की स्थिति पैदा हो, धारा 336  जालसाजी आदि धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 

कौन है नदीम?
आरोपी खुद को एक स्वतंत्र पत्रकार बताता था। उके पिता एक रिटायर्ड सरकारी उर्दू लेक्चरर हैं। वह 7 भाइयों में छठे नंबर पर हैं। उन्होंने 10वीं की पढ़ाई पूरी नहीं की है। उसने इंस्टाग्राम न्यूज हैंडल अप्रैल 2026 में बनाया गया था और जिसके 24 हजार सब्सक्राइबर और 1,226 पोस्ट हैं।
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पुलिस फंडिंग का पता कर रही है?
पुलिस आरोपी से उसके फंडिंग के स्रोत का पता लगा रही है। पुलिस की ये यह जांच भी चल रही है कि क्या उस विरोध प्रदर्शन के दौरान उकसावा और अराजकता फैलाने के लिए कोई बड़ी पहले से सोची-समझी साजिश रची गई थी। दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने और सरकार के खिलाफ नफरत और असंतोष फैलाने के लिए झूठी बातें (नैरेटिव) गढ़ने में शामिल ऐसे अन्य अकाउंट्स की भी पहचान की जा रही है।
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