नई दिल्ली में युवती के अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी युवक को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बरी कर दिया है। पीड़िता ने बयान में अपनी मर्जी से युवक के साथ जाने की बात कही। उसके मुताबिक वह युवक से प्रेम करती थी और शादी करना चाहती थी, लेकिन उसके परिजन इसके खिलाफ थे।
साकेत जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रेणु भटनागर ने गोविंद पुरी निवासी आरोपी को पीड़िता के बयान के मद्देनजर बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा है।
अदालत ने पीड़िता के बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह बालिग है और अपने मर्जी से आरोपी के साथ गई थी और उससे शादी की। इस शादी से दोनों का एक बेटा भी है।
पेश मामले के अनुसार गोविंद पुरी पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को फरवरी 2010 में गिरफ्तार कर लिया था तभी से वह न्यायिक हिरासत में था। हालांकि आरोपी ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार किया था लेकिन पीड़िता ने कहा कि सब कुछ उसकी मर्जी से हुआ।