द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को मोहन गार्डन निवाली शिव लाल ने घर से गहने और नकदी चोरी होने की शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी तरह से उत्तम नगर थाना, बिंदापुर, डाबरी और मोहन गार्डन इलाके में कई चोरियां हुई थी। जेल बेल सेल ने निरीक्षक विवेक मंडोला के नेतृत्व में जांच शुरू की। पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की, जिसमें पुलिस को एक नकाबपोश व्यक्ति को देखा। आस पास के 50 से अधिक कैमरों की जांच में संदिग्ध का स्पष्ट चेहरा दिखा। मुखबिरों से पहचान कर पुलिस ने आरोपी संजीत को उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि वह नशे का आदी है और नशे की लत की वजह से उसके परिवार वालों ने बेदखल कर दिया था। तलाशी लेने पर उसके पास से एक गहनों का बैग मिला, जिसमें एक सोने का लॉकेट, एक जोड़ी चांदी की पायल, दो जोड़ी चांदी की बिछिया और चार चोरी के मोबाइल फोन थे। पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता डाबरी में कपड़ों में प्रेस करते हैं। उसके दो बड़े भाई हैं जिनकी शादी हो चुकी है। उसने 2017 में उसने दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी।
वह अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगा। इसी दौरान कुछ लोगों के संपर्क में आकर नशे का आदी हो गया। नशे की लत के कारण उसके परिवार ने उसे घर से निकाल दिया। उसने एलईडी स्क्रीन ठीक करने का काम शुरू किया। लेकिन उसकी लत के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसके बाद वह पिछले दो माह से अपने साथी कपिल के साथ मिलकर घरों में चोरियां करने लगा। उसने करीब 15 घरों में चोरी की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसपर पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। चोरी के बाद उसने कुछ गहने अपने साथी कपिल को दे दिए थे। पुलिस आरोपी कपिल की तलाश कर रही है।