पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया है कि अखिलेश बार-बार कहने पर भी अनिल का मकान खाली नहीं कर रहा था। वहीं अपनी पत्नी की मौत के बाद अखिलेश राजू की पत्नी पर बुरी नजर रखता था। इसी बात पर दोनों आरोपियों ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को द्वारका नॉर्थ थाना एरिया में कारगिल चौक के पास नाले के किनारे एक युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक का शव काफी खराब हालत में उसके सिर पर चोट के निशान दिख रहे थे। पुलिस को मृतक के पास से उसकी पहचान का कोई कागज नहीं मिला।
मामले की जांच के लिए स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, लोकल पुलिस व अन्यों की टीम का गठन किया गया। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल करने के बाद मृतक की पहचान नजफगढ़ निवासी अखिलेश मंडल के रूप में हुई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में घटना स्थल के पास अनिल व राजू को भी देखा।
3 साल से ग्राउंड फ्लोर पर रहता था अखिलेश
इस आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया। अनिल ने बताया कि अखिलेश उनके मकान में पिछले करीब 3 साल से ग्राउंड फ्लोर पर किराए पर रह रहा था। उसे शराब पीने की लत थी। वह अक्सर अखिलेश से झगड़ा करता था। कहने पर वह मकान खाली नहीं कर रहा था।
मकान भी नहीं बिकने दे रहा था अखिलेश
अनिल ने मकान बेचने का भी प्रयास किया तो अखिलेश मकान भी नहीं बिकने दे रहा था। इस बात पर अनिल ने उसकी हत्या की साजिश बनाई। वहीं अखिलेश की पत्नी की तीन माह पूर्व कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने रिश्तेदार राजू की पत्नी पर बुरी नजर रखने लगा था। राजू भी उससे इसी का बदला लेना चाहता था।
10 जुलाई की रात को आरोपियों ने शराब पिलाने के बहाने अखिलेश को द्वारका सेक्टर-14 मेट्रो स्टेशन पर बुलाया। बाद में आरोपी उसे जंगल की ओर ले गए। वहां करीब 2 किलोग्राम के हथौड़े से उसके सिर पर 8 से 10 वारकर उसकी हत्या कर दी। अखिलेश छोटा-मोटा काम करता था। इसके परिवार में सात साल का बेटा ही बचा है। मासूम अपनी नानी के साथ अखिलेश के घर पर ही रहता था।