विभिन्न बिल्डरों के अफोर्डेबल होम (सस्ते घर) परियोजनाओं के लिए आवेदन करने वालों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। उनका कहना है कि बिल्डरों द्वारा पिछले कई महीनों से उन्हें ठगा जा रहा है।
ड्रॉ कब निकलेगा इसका ठोस जवाब भी उनकी ओर से नहीं दिया जा रहा। आज कल के चक्कर में आवेदकों को बैंक में ब्याज पर ब्याज भरना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अगर वह ड्रॉ नहीं निकाल सकते तो आवेदकों का पैसा लौटा दें।
यह इंतजार कितना लंबा होगा इसका भी उन्हें पता नहीं। 98 प्रतिशत लोगों ने बैंक से ऋण लेकर सस्ते घर के लिए आवेदन किया था। सस्ता घर पाने के इच्छुक पीके सिंह का कहना है वह पिछले सात महीनों से बैंक का ब्याज भर रहे हैं।
उन्होंने सुपरटेक के सेक्टर-79-79बी के अफोर्डेबल होम परियोजना में आवेदन किया था। आज बिल्डर जवाब देने से भी कतरा रहा है। एक अन्य परियोजना में निवेश करने वाले नरेंदर कुमार ने कहा कि वह खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। दिसंबर।