योगेंद्र यादव बेशक स्वराज इंडिया के अध्यक्ष हैं लेकिन नगर निगम चुनाव के पार्टी उम्मीदवारों के चयन में उनका कोई आधिकारिक हस्तक्षेप नहीं है। पार्टी ने योगेंद्र यादव को निगम चुनाव के लिये काम कर रही किसी भी कमेटी में जगह नहीं दी है। स्वराज इंडिया का तर्क है कि उम्मीदवारों के चयन को लोकतांत्रिक व पारदर्शी बनाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।
खास बात यह कि अपनी तरह का पहला प्रयोग करते हुये पार्टी ने उम्मीदवारी के आवेदन की तारीख भी तय कर दी है। तीस वार्ड में इच्छुक लोग शुक्रवार शाम 5 बजे तक ही आवेदन कर सकते हैं। पार्टी ने संबंधित वार्ड के नाम भी घोषित कर दिये हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि उम्मीदवारों का नाम तीन चरणों में पूरा होगा। पहला चरण आवेदन का होगा। इसके बाद तीनों निगमों के लिये गठित सर्च कमेटियां आवेदनों की जांच करेंगी। यहां से लिस्ट वरिष्ठï नेता अजित झा की अध्यक्षता में गठित सेलेक्शन कमेटी में जायेगी। कमेटी सर्च कमेटी के साथ वार्ड के पार्टी वालेंटियर से चर्चा करेगी। इसके बाद नाम फाइनल होगा।
फिर भी, अगर किसी को किसी उम्मीदवार के नाम पर आपत्ति है तो वह समाजसेवी अंजलि भरद्वाज की अध्यक्षता में इंटीगरेशन कमेटी में शिकायत कर सकता है। अगर शिकायत सही पाई गयी तो उम्मीदवार को नाम रद्द कर दिया जायेगा।
स्वराज इंडिया के प्रवक्ता अनुपम ने बताया कि तीनों चरणों में पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव का कोई दखल नहीं है। अगर उन्हें किसी उम्मीदवार के नाम पर आपत्ति है तो आम लोगों की तरह वह भी सिर्फ इंटीगरेशन कमेटी में शिकायत कर सकते हैं। शिकायत होने पर स्वतंत्र पर्यक्षकों से बनी कमेटी की राय ही आखिरी होगी। वहीं, तीस वार्ड से इच्छुक लोग शुक्रवार शाम तक ही आवेदन कर सकेंगे।